कैबिनेट बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों का परिवहन भत्ता और गृह भाड़ा भत्ता बढ़ाने के फैसले के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि आगे भी सरकार कुशल वित्तीय प्रबंधन से कर्मचारियों का ध्यान रखेगी। उधर कर्मचारी जगत ने 13 साल बाद बढ़ाए गए भत्तों को लेकर कहा है कि यह केंद्र सरकार से काफी कम है। इसे महंगाई भत्ते से जोड़ा जाता तो लाभ मिलता। अभी जो भत्ता बढ़ाया गया है उससे तो किराए में झुग्गी भी नहीं मिल पाएगी।
जनहितैषी कामों का मूल आधार हैं अधिकारी कर्मचारी- सीएम
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि हम लगातार जनहितैषी कामों को आगे बढ़ा रहे हैं। इन जनहितैषी कामों के मूल आधार हमारे अधिकारी कर्मचारी हैं। इसलिए हमने 15 साल से रुके भत्तों की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है जिसके बाद सरकार पर 1500 करोड़ रुपए का वित्तीय भार पड़ेगा। हमने कर्मचारियों के भत्तों को बढ़ाने का काम किया है। कुशल वित्तीय प्रबंधन के बलबूते पर अधिकारी कर्मचारी का बराबर ध्यान रखेंगे। बजट में कहा था कि हमने एक रुपए भी टैक्स नहीं लगाया है लेकिन 16 प्रतिशत अधिक बड़ा बजट बनाया है। प्रदेश में केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार काम कर रही है।
किराए पर झुग्गी भी नहीं मिलेगी वर्तमान गृह भाड़ा भत्ता से
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री करीब 15 साल के अंतराल के बाद राज्य सरकार ने वाहन और गृह भाड़ा भत्ता बढ़ाया है लेकिन यह भी केंद्र के समान नहीं बढ़ाया गया है। अभी सरकार ने जो मकान भाड़ा भत्ता बढ़ाया है, उतने में किराए पर झुग्गी भी नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के फैसले के आधार पर मध्य प्रदेश के कर्मचारियों के गृह भाड़े भत्ते में 945 से 7915 तक की वृद्धि होगी। अगर यह वृद्धि केंद्र सरकार के अनुसार की जाती तो महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों को बहुत राहत मिलती।
एमपी सरकार ने गृह भाड़ा भत्ता अप्रैल 2025 से 10%, 7%, 5% देना तय किया है जबकि केंद्र सरकार द्वारा सातवें वेतनमान में 10%, 20%, 30% दिया जा रहा है। एमपी में पिछले आदेश से 13 साल बाद एवं सातवें वेतनमान के 9 साल बाद यह भत्ता प्रदाय होगा वह भी महंगाई के अनुसार नहीं है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को ₹ 200 वाहन भत्ता 13 साल से अधिक समय से मिल रहा था जिसे बढ़ाकर 384 किया गया है। इसके विपरीत केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान में 1800 रुपए वाहन भत्ता अब 55% महंगाई भत्ते के साथ मिलेगा जो 2790 प्राप्त होगा।
केंद्र और राज्य में यह है अंतर