रणथंभौर। रणथंभौर टाइगर रिज़र्व से 17 दिन बाद एक बार फिर अच्छी खबर सामने आई है। शनिवार सुबह प्रसिद्ध गणेश जी मंदिर मार्ग पर बाघिन टी-107 ‘सुल्ताना’ को अपने दो शावकों को मुंह में दबाकर सुरक्षित स्थान की ओर ले जाते हुए देखा गया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग ने लगभग 30 मिनट तक श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय बाघिन गणेश जी मंदिर मार्ग के पास दिखाई दी, जहां वह अपने दोनों शावकों को एक-एक कर सुरक्षित स्थान पर ले जा रही थी। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग ने तुरंत सतर्कता बरती और मार्ग को खाली करवा दिया। शावकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद बाघिन के क्षेत्र से हटते ही श्रद्धालुओं के लिए मार्ग पुनः खोल दिया गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघिन द्वारा शावकों को शिफ्ट करना एक स्वाभाविक मातृत्व व्यवहार है। आमतौर पर शावकों को संभावित खतरे से बचाने के लिए बाघिन उन्हें समय-समय पर स्थानांतरित करती रहती है। इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
बाघों का कुनबा बढ़ा, संख्या हुई 71
बाघिन टी-107 ‘सुल्ताना’ द्वारा दो शावकों को जन्म दिए जाने के बाद रणथंभौर टाइगर रिज़र्व में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 71 हो गई है। इनमें 25 नर बाघ, 24 मादा बाघ और 22 शावक शामिल हैं। वन विभाग द्वारा बाघिन टी-107 और उसके शावकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
17 दिन पहले भी मिली थी खुशखबरी
गौरतलब है कि 17 दिन पहले बाघिन टी-2307 द्वारा चार शावकों को जन्म दिए जाने की सूचना सामने आई थी, जिससे रिज़र्व में बाघ संरक्षण को लेकर सकारात्मक माहौल बना था। लगातार मिल रही इन खबरों से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है।
चौथी बार मां बनी सुल्ताना
बाघिन टी-107 ‘सुल्ताना’ चौथी बार मां बनी है। नवंबर 2020 में वह पहली बार अमरगढ़ वन क्षेत्र में दो शावकों के साथ कैमरा ट्रैप में कैद हुई थी। इसके बाद वर्ष 2022 में उसने दो शावकों को जन्म दिया, हालांकि एक शावक की बाद में मृत्यु हो गई थी। अगस्त 2023 में सुल्ताना ने तीन शावकों को जन्म दिया था। अब एक बार फिर उसके दो शावकों को शिफ्ट करते देखा गया है, जिसे उसका चौथा लिटर माना जा रहा है।
और शावक होने की भी संभावना
वन विभाग का कहना है कि बाघिन टी-107 के साथ दिखाई दिए दो शावकों के अलावा और भी शावक हो सकते हैं, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए बाघिन और उसके शावकों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है।
वन विभाग ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, वन विभाग के निर्देशों का पालन करें और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन और सह-अस्तित्व बना रहे।
बाघिन टी-107 ‘सुल्ताना’ ने दो शावकों को किया शिफ्ट, गणेश जी मार्ग पर 30 मिनट रोकी गई श्रद्धालुओं की आवाजाही