सरगुजा, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में पिछले 2 दिनों में पीलिया से 13 वर्षीय छात्र और एक युवक की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अमले ने इसकी पुष्टि की है। बीते 10 दिनों में पीलिया के करीब 60 मरीज सामने आए हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने मामले में स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। शहर में फैल रहे पीलिया और नगर निगम की उदासीनता के विरोध में आज (बुधवार) कांग्रेस नगर निगम कार्यालय का घेराव करेगी।
इस मामले में महापौर मंजूषा भगत ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि नवागढ़ इलाके में पीलिया फैलने में साजिश की बू आ रही है। महापौर ने कहा कि आखिर सिर्फ इसी इलाके में पीलिया के मरीज क्यों मिल रहे हैं। जबकि निगम का पानी पूरा शहर पी रहा है।
इलाज के दौरान छात्र की मौत, युवक ने भी तोड़ा दम
दरअसल, नमनाकला खटिक पारा में रहने वाले दिव्यांश राय (13) निजी स्कूल में आठवीं का छात्र था। 19 फरवरी से तबीयत खराब होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पीलिया की पुष्टि हुई।
स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर्स ने उसे रायपुर रेफर किया। परिजन रायपुर नहीं ले जा सके और मिशन अस्पताल में इलाज शुरू कराया। वहां हालत में सुधार नहीं हुआ तो मंगलवार को दूसरे निजी अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
नमनाकला वार्ड में अन्य लोग भी पीलिया से ग्रसित बताए गए हैं। जनपद पारा निवासी सोना लाल (40) की भी पीलिया से मौत हो गई। उसकी जांच नवापारा यूपीएचसी में हुई थी, जहां पीलिया की पुष्टि हुई। युवक ने 22 फरवरी को दम तोड़ दिया।
CMHO पीएस मार्को ने छात्र और युवक की मौत की पुष्टि की। जिन क्षेत्रों में मौत हुई है, वहां स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
नवागढ़ इलाके में 60 मरीज, पानी में ई-कोलाई
शहर के नवागढ़ और मोमिनपुर क्षेत्र में पीलिया के करीब 60 मरीज मिले हैं। करीब एक महीने से इलाके में मरीज सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पेयजल की जांच कराई। कुछ सैंपल में ई-कोलाई बैक्टीरिया खतरनाक स्तर पर पाए गए।
मंगलवार को निरीक्षण पर पहुंचीं महापौर मंजूषा भगत ने बयान में साजिश की आशंका जताई। इलाके में फैली गंदगी पर भी नाराजगी जाहिर की। निगम अमला पेयजल सप्लाई लाइन दुरुस्त करने में लगा है।
सिंहदेव बोले- जिम्मेदारी तय हो, कांग्रेस करेगी घेराव
पीलिया से छात्र और युवक की मौत पर टीएस सिंहदेव ने दुख जताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, स्थानीय प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। दो दिन पहले भी एक युवक की मौत हुई थी, संकेत साफ है कि हालात को हल्के में लिया गया। इसमें जिम्मेदारी तय हो और गैर जिम्मेदार लोगों पर तत्काल कार्रवाई हो।