भोपाल में 10 में से 5 बुजुर्ग जूझ रहे अकेलेपन:हेल्पलाइन पर सिर्फ एक हफ्ते में आए 368 कॉल्स

भोपाल, भोपाल में हर 10 में से 5 से ज्यादा बुजुर्ग अकेलेपन से जूझ रहे हैं। चित्रांश ह्यूमन एंड वेलफेयर (CHW) समिति के अनुसार, हेल्पलाइन में महज एक हफ्ते में 368 बुजुर्गों ने कॉल कर सहायता मांगी। अकेलेपन से जूझ रहे सैकड़ों वरिष्ठ नागरिकों ने अपने मन की बात साझा की। कई ने कानूनी सलाह और दस्तावेजी मदद ली।

संस्था की हेल्पलाइन नंबर पर एक सप्ताह में 368 कॉल्स प्राप्त हुए। इनमें से 209 बुजुर्ग ऐसे थे, जिन्होंने अकेलेपन की समस्या साझा की। अधिकांश कॉलर्स ने बताया कि पत्नी या बच्चे विदेश में रहने के कारण वे अकेले रह रहे हैं और मानसिक रूप से परेशान हैं।

इसके अलावा 49 बुजुर्गों ने वृद्धाश्रम से संबंधित जानकारी मांगी। वहीं, 27 वरिष्ठ नागरिकों ने पेंशन, आयुष्मान कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज बनवाने में सहायता की मांग की।

संस्था अब इमोशनल सपोर्ट और लीगल एडवाइज के साथ-साथ जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए मुफ्त फिजियोथैरेपी सेवा भी शुरू कर रही है, ताकि उन्हें घर के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

83 को मिला कानूनी परामर्श 

परिवार या पड़ोसियों की प्रताड़ना की शिकायत करने वाले 83 बुजुर्गों को संस्था की लीगल एक्सपर्ट एडवोकेट चंदन अवस्थी ने नि:शुल्क कानूनी सलाह दी। कई मामलों में उन्हें अधिकारों की जानकारी देकर आगे की प्रक्रिया समझाई गई।

अब मिलेगी मुफ्त फिजियोथैरेपी सेवा

इमोशनल सपोर्ट और लीगल एडवाइज के बाद अब संस्था ने गरीब और असहाय बुजुर्गों के लिए फिजियोथैरेपी सेवा शुरू की है। इसके लिए फिजियोथैरेपी कंसल्टेंट से अनुबंध किया है, ताकि बुजुर्गों को उनके घर के पास स्थित सेंटर में उपचार मिल सके।

जो बुजुर्ग पूर्ण रूप से बेड रेस्ट पर हैं, उनके लिए फिजियोथैरेपिस्ट घर जाकर निशुल्क सेवा देंगे। संस्था के उपाध्यक्ष मोहन सोनी ने बताया कि बुजुर्गों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए यह पहल की गई है। हेल्पलाइन पूरी तरह नि:शुल्क है और भविष्य में और सेवाएं जोड़ने की योजना है।

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