सक्ती में तहसीलदार-CMO समेत 18 घरों के बिजली कनेक्शन कटे

सक्ती, सक्ती जिले के सरकारी जीएडी कॉलोनी में नगर पंचायत CMO, तहसीलदार समेत 18 घरों की बिजली सप्लाई काट दी गई है। बताया जा रहा है यहां अधिकांश घरों में बिजली मीटर नहीं लगा है। पिछले 4 सालों से रहवासी सीधे लाइन से बिजली सप्लाई ले रहे थे। इसमें सरकारी अधिकारी कर्मचारी भी शामिल है।

जैजैपुर ब्लॉक मुख्यालय स्थित कॉलोनी में बिजली चोरी की खबर दैनिक भास्कर डिजिटल ने प्रमुखता से दिखाई थी। जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई की है। अब इन्हें बकाया बिल भरने के लिए 2 दिन का समय दिया गया है। कई रहवासियों को नोटिस भी थमाया गया है।

सालों से बिना मीटर के चला रहे थे बिजली

जानकारी के मुताबिक, जैजैपुर की जीएडी कॉलोनी में कुल 44 आवास हैं। इनमें से केवल 6-7 घरों में ही बिजली मीटर लगे थे, जबकि शेष आवासों में सालों से बिना मीटर के बिजली का उपयोग किया जा रहा था।

बिजली विभाग के जेई योगेश श्रीवास ने बताया कि सभी को मीटर लगाने और बकाया बिल चुकाने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली चोरी के मामलों में पेनाल्टी भी लगाई जाएगी।

2 दिन के अंदर भरना होगा बकाया बिल

खबर दिखाए जाने के बाद विभाग ने जांच की। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए 18 सरकारी आवासों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। इनमें तहसीलदार और नगर पंचायत सीएमओ के आवास भी शामिल हैं।

इसके अलावा कॉलोनी के 16 अन्य अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 2 दिन के अंदर बकाया बिल जमा न करने पर FIR दर्ज की जाएगी।

18 घरों के कनेक्शन काटे गए

बिजली विभाग के जेई योगेश श्रीवास ने बताया कि तहसीलदार, नगर पंचायत सीएमओ सहित 18 घरों के कनेक्शन काटे गए है, बाकी लोगों को नोटिस जारी किया गया है।

साथ ही बिजली बिल का भुगतान करने के लिए 2 दिन का समय दिया गया है। बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर एफआईआर दर्ज करवाया जाएगा।

‘दोषियों पर कार्रवाई होगी या नहीं’

स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आम नागरिकों का बिल बकाया होने पर विभाग तुरंत कनेक्शन काट देता है।

वहीं, सरकारी कॉलोनी में चार साल तक बिना मीटर के बिजली का उपयोग होना विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब देखना यह है कि इस मामले में वास्तविक दोषियों की जवाबदेही तय की जाती है या नहीं।

मीडिया रिपोर्ट के बाद शुरू हुई इस विभागीय कार्रवाई ने चार साल पुराने इस मामले में हलचल बढ़ा दी है। सरकारी आवासों में चल रही बिजली चोरी का यह मामला अब सामने आ गया है।

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