इसी हफ्ते अपनी रिपोर्ट दे सकती है CMRS:सब कुछ ‘ओके’ रहा तो सरकार को रिपोर्ट देंगे; फिर पीएम करेंगे कमर्शियन रन की शुरुआत

भोपाल में मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए सबसे अहम कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) अपनी रिपोर्ट इसी हफ्ते मेट्रो कॉरपोरेशन को दे सकती है। सब कुछ ‘ओके’ होने के बाद प्रदेश सरकार को रिपोर्ट दी जाएगी। वहीं, नई दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो के कमर्शियल रन की शुरुआत हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। इंदौर में 31 मई को उन्होंने वर्चुअली तरीके से लोकार्पण किया था।

सीएमआरएस 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी। अगले 3 दिन यानी, 13, 14 और 15 नवंबर को टीम ने डिपो से लेकर ट्रैक और ट्रेन तक निरीक्षण किया था। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के साथ टीम ने मेट्रो के नट-बोल्ड तक देखे थे। इसके बाद टीम वापस लौट गई। इसके साथ ही अब रिपोर्ट का इंतजार है। मेट्रो अफसरों का कहना है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी है और सीएमआरएस के पैमाने के हैं। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर असर नहीं पड़ेगा। इसलिए उम्मीद है कि सीएमआरएस की रिपोर्ट ‘ओके’ ही रहेगी।

CMRS की मंजूरी तो आगे ये प्रक्रिया

  • सीएमआरएस अपनी रिपोर्ट मेट्रो कॉरपोरेशन को देगा।
  • इसके बाद मेट्रो अफसर सरकार को यह रिपोर्ट देंगे। जिसमें बताया जाएगा कि हम कमर्शियल रन के लिए तैयार है।
  • प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के हाथों मेट्रो का लोकार्पण कराएगा। इसलिए प्रधानमंत्री कार्यालय से तारीख मांगी जाएगी।
  • तारीख तय होते ही कमर्शियल रन की शुरुआत होगी।

सीएमआरएस के आखिरी दौर में यह रहा

  • 12 नवंबर- सीएमआरएस की टीम भोपाल पहुंची।
  • 13 नवंबर- डिपो, एम्स स्टेशन तक ट्रैक, सिंगलिंग और सुरक्षा पैमानों पर जांच की। वहीं, आरकेएमपी ‎स्टेशन पर पानी गिराकर ट्रैक लेवल भी‎ चेक किया गया। ताकि, ढाल और जल‎ निकासी की स्थिति का आकलन किया‎ जा सके। सुभाषनगर डिपो में पूरे प्रोजेक्ट की रिपोर्ट भी देखी थी। पहले दिन करीब 8 घंटे तक दौरा चलता रहा।
  • 14 नवंबर- टीम ने मेट्रो ट्रेन में बैठकर ही सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी और एम्स स्टेशन तक ब्रेकिंग सिस्टम जाना। इस दौरान मेट्रो में कमिश्नर सेनगुप्ता भी मौजूद रहे। सुभाषनगर डिपो में भी जरूरी जानकारी ली। करीब 10 घंटे तक दौरा चलता रहा।
  • 15 नवंबर- टीम ने ट्रैक पर फिर दौरा किया। मेट्रो स्टेशन देखें। साथ ही मेट्रो अफसरों के साथ बैठक भी की। यह दौरा भी सुबह से रात तक जारी रहा।
  • क्या है CMRS की ‎भूमिका? सीएमआरएस किसी भी‎ मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए सुरक्षा की‎ अंतिम स्वीकृति देते हैं। उनकी‎ रिपोर्ट के बाद ही मेट्रो पर यात्रियों‎ का संचालन शुरू किया जा‎ सकता है।‎ इन पहले अक्टूबर में था टारगेट, अब नवंबर-दिसंबर में उम्मीद बता दें कि इससे पहले सरकार ने अक्टूबर में भोपाल में मेट्रो दौड़ने का टारगेट रखा था। इसलिए सितंबर और अक्टूबर में सीएमआरएस के दो अहम दौरे भी हो चुके थे। पूर्व मेट्रो कमिश्नर जनक गर्ग ने टीम के साथ सुभाष नगर स्थित मेट्रो डिपो और प्रायोरिटी कॉरिडोर के 6.22 किलोमीटर रूट को देखा था। वे ट्रेन में सवार हुए थे।

    अब आखिरी दौरा भी हो चुका है। ऐसे में रिपोर्ट मिलने के बाद नवंबर के आखिरी सप्ताह या फिर दिसंबर में मेट्रो का कमर्शियल रन हो सकता है। इससे पहले बिहार चुनाव की वजह से अक्टूबर में मेट्रो का कॉमर्शियल रन नहीं हो सका था। ऐसे में अब उम्मीद है कि जल्द ही मेट्रो आम लोगों के लिए ट्रैक पर दौड़ने लगेगी।

    साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो चुका है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन के कुछ काम बाकी हैं, जो पूरे किए जा रहे हैं। रेल ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं।

    दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

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