भोपाल: मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शासन के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत मंगलवार से होगी, जिसमें सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, कमियों और चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा।साथ ही, उनसे आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि सरकार के अगले चरण के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को स्पष्ट दिशा मिल सके।
दो दिन समीक्षा भोपाल और दो दिन खजुराहो में होगी
समीक्षा का कार्यक्रम चार दिनों का होगा, जिसमें दो दिन बैठकें भोपाल में और दो दिन खजुराहो में आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों के पश्चात सरकार आगामी तीन वर्षों की व्यापक कार्ययोजना जारी करेगी। पिछले दो वर्षों में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से अपने फोकस क्षेत्रों को परिभाषित किया है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 को सुशासन के लिए समर्पित किया गया था, वहीं 2025-26 में निवेश प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 को कृषि-आधारित उद्योगों के विकास के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सभी विभाग अपनी-अपनी कार्य योजना बनाएंगे
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं तैयार करें, जो आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों के अनुरूप हों। समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रीगणों से केवल उपलब्धियों की जानकारी ही नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों पर भी स्पष्ट चर्चा करेंगे जहां सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही, विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए ठोस रणनीतियों और समाधान पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
क्या है समीक्षा का उद्देश्य?
बैठक में विभागीय मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इस व्यापक समीक्षा का उद्देश्य न केवल पिछले दो वर्षों के कार्यों का मूल्यांकन करना है, बल्कि आगामी तीन वर्षों के लिए एक सुदृढ़, लक्ष्य-उन्मुख और परिणाम आधारित शासन ढांचा तैयार करना भी है।
कब किस विभाग की होगी समीक्षा
- 2 दिसंबर- पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, नर्मदा घाटी विकास, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा।
- 3 दिसंबर- लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सामाजिक न्याय एवं निश्शक्तजन कल्याण, कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण।
- 8 दिसंबर- खाद्य नागरिक आपूर्ति, वाणिज्यिक कर, पशुपालन एवं डेयरी, नगरीय विकास एवं आवास, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम।
- 9 दिसंबर- लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी।