शुरुआती हिचक और आशंकाओं के बीच दो वर्ष में मजबूत हुए सीएम मोहन यादव

 भोपाल। दिसंबर, 2023 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद भाजपा विधायक दल की बैठक हो रही थी तो डॉ. मोहन यादव के बारे में शायद ही किसी ने सोचा था कि वह मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बनने वाले हैंयही कारण है कि उनके पद संभालने पर उनके नेतृत्व को लेकर हिचक और कुछ आशंकाएं सभी के मन में थीं। इसका कारण यह था कि मुख्यमंत्री पद की दौड़ में बड़े-बड़े नाम खासतौर से निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी थे, जो 17 वर्ष इस पद पर रह चुके थे।

 बड़े नेताओं की तबसे बेचैनी बढ़ी हुई रहती है, लेकिन डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने ही वाले हैं। डॉ. मोहन यादव से कई वरिष्ठ नेता उनके मातहत काम कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री रहे प्रहलाद पटेल भी इसमें शामिल हैं तो कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह जैसे अनुभवी नेता भी डॉ. मोहन यादव की टीम में प्रमुख मंत्री हैं। इस कारण कई बार कैबिनेट में मनमुटाव और दिल्ली में शिकायतों के मुद्दे उठते रहते हैं।

दो साल के कार्यकाल ने अफवाहों पर विराम लगा दिया

अब डॉ. मोहन यादव के दो साल के कार्यकाल ने ऐसी उन सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया है, जो लोग बार- बार तारीख बताया करते थे कि बस अब समय आ गया है। बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम ने उन लोगों का मुंह भी बंद कर दिया है। दो वर्ष के कार्यकाल में डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश में बदलाव लाने के पूरे प्रयास किए और काफी हद तक सफल भी रहे हैं। लंबे समय से प्रदेश नेतृत्व में बदलाव न आने से पानी ठहर सा गया था, चुनींदा अधिकारी ही सरकार पर हावी रहा करते थे।

बदलाव जो साफ दिखाई दे रहा है

ऐसे कई विषय हैं, जिनमें बदलाव दिखाई दे रहा है। विकास की बात करें तो भी प्रदेश में व्यापक स्तर पर नई परियोजनाएं आरंभ हो रही हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना की शुरुआत भी मध्य प्रदेश से हो रही है। मोहन सरकार ने प्रदेश के पिछड़े क्षेत्र बुंदेलखंड को भी विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का लक्ष्य रखा है। प्रशासनिक दृष्टि से भी देखें तो मोहन सरकार ने गवर्नेंस में सुधार के अच्छे प्रयास किए हैं। प्रमोटी अधिकारियों को हटाकर युवा अधिकारियों को जिलों की कमान सौंपने के भी अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।

एक वर्ष में 75 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई

एक वर्ष में 75 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। निजी क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में संभावनाएं बन रही हैं। सरकार ने निवेश प्रोत्साहन के जो प्रयास किए, उसके भी सार्थक परिणाम आने लगे हैं। सात लाख करोड़ के निवेश से नए उद्योग धंधे शुरू किए हैं। डॉ. मोहन यादव बताते हैं कि निजी क्षेत्र में दो लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। प्रत्यक्ष और परोक्ष तौर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

सिंचाई की क्षमता भी लगातार बढ़ रही है

प्रदेश में सिंचाई की क्षमता भी लगातार बढ़ रही है। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट कहते हैं कि वर्ष 2028 तक एक करोड़ हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा प्रदान कर दी जाएगी। सिंचाई क्षमता बढ़ने से किसानों की आमदनी भी बढ़ रही है। बिजली के क्षेत्र में भी अच्छा काम हो रहा है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश का प्रदर्शन प्रशंसनीय है।

मेडिकल कॉलेजों की संख्या ही 25 से अधिक हो गई है

स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या ही 25 से अधिक हो गई है। सरकारी अस्पतालों को भी सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में मध्य प्रदेश अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन रहा है।

धार्मिक पर्यटन बढ़ाने के लिए तेजी से काम

डॉ. मोहन यादव धार्मिक पर्यटन बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। धर्म-अध्यात्म, संस्कृति और पर्यटन के संगम से प्रदेश में विकास की त्रिवेणी बह रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उज्जैन में वर्ष 2024 में सात करोड़ पर्यटक आए, जबकि वर्ष 2023 में यह संख्या पांच लाख थी।

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