पाकिस्तानी F-16 फाइटर जेट बेड़े को अपग्रेड करेगा अमेरिका, ट्रंप प्रशासन का 686 मिलियन डॉलर का पैकेज तैयार, भारत को दे रहे धोखा?

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान के बेड़े को अपग्रेड करने जा रहा है। ट्रंप प्रशासन ने इसके लिए प्रस्तावित 686 मिलियन डॉलर (लगभग 6174 करोड़ भारतीय रुपये) के अपग्रेड पैकेज के बारे में अमेरिकी कांग्रेस को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया है। औपचारिक रूप से सूचित करने के बाद इसकी 30 दिनों की समीक्षा अवधि शुरू हो गई है, जहां अमेरिकी सांसद इसकी जांच करेंगे। अमेरिका की डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) ने समिति के नेताओं को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है।

पत्र में कहा गया है कि अमेरिका वायु सेना पाकिस्तान को रक्षा सामग्री और सेवाओं के लिए एक ऑफर और स्वीकृति पत्र जारी करना चाहती है, जिसकी अनुमानित लागत 686 मिलियन डॉलर है। इस नोटिफिकेशन को हाउस स्पीकर माइक जॉनसन, सीनेट फॉरेन रिलेशंस कमेटी के चेयरमैन जेम्स रिश और हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मास्ट को भेजे गए। इसे संभावित ट्रांसफर की दिशा में पहला औपचारिक कदम है।

अपग्रेड में क्या है शामिल?

DSCA के नोटिस के अनुसार, इस पैकेज में 37 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बड़े रक्षा उपकरण (MDE) और 649 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और लॉजिस्टिकल सपोर्ट शामिल हैं। मेजर डिफेंस इक्विपमेंट (MDE) में 92 लिंक-16 टैक्टिकल डेटा लिंक सिस्टम शामिल है, जो अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं में इस्तेमाल होने वाला जैम-रेसिस्टेंट युद्धक्षेत्र कम्युनिकेशन नेटवर्क है। इसके अलावा 6 Mk-82 इनर्ट 500-पाउंड बम बॉडी जो बिना गाइड वाले ट्रेनिंग हथियर हैं और सिर्फ इंटीग्रेशन और रिलीज टेस्टिंग के लिए हैं।नोटिस में कहा गया है कि ये अपग्रेड पाकिस्तान के ब्लॉक-52 और मिड-लाइफ (MLU) F-16 को मॉडर्न बनाएंगे, सुरक्षा बढ़ाएंगे और 2040 तक बेड़े को ऑपरेशनल रखेंगे। इसके अनुसार, ‘यह प्रस्तावित बिक्री पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी प्रयासों में अमेरिका और सहयोगी सेनाओं के साथ इंटरऑपरेबिलिटी बनाए रखने की अनुमति देकर अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्येश्यों का समर्थन करेगी। इसमें यह भी कहा गया है कि मरम्मत से उड़ान सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताओं को दूर करने में भी मदद मिलेगी।’

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