गैस सिलेंडर: नए साल से पहले सरकार का तोहफा? कम हो सकते हैं दाम, जानें क्या चल रही है तैयारी

नई दिल्लीनए साल पर करोड़ों लोगों को महंगाई से राहत मिल सकती है। सरकार ने 1 जनवरी 2026 से सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में 2 से 3 रुपये प्रति यूनिट की कटौती करने की घोषणा की है। अब एलपीजी सिलेंडर भी खुशखबरी मिल सकती है। सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमत की समीक्षा करती है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में इस साल काफी कटौती हुई है लेकिन घरों में यूज होने वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत 9 मार्च, 2024 से नहीं बदली है।

दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 803 रुपये है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सालाना 9 सिलेंडर तक 300 रुपये की सब्सिडी मिलती है। यानी उनके लिए इसकी कीमत 503 रुपये है। कोलकाता में बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये है। इसी तरह दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1580.50 रुपये, कोलकाता में 1684 रुपये, मुंबई में 1531.50 रुपये और चेन्नई में 1739.50 रुपये है।

कच्चे तेल में गिरावट

कच्चे तेल की कीमत में हाल में काफी गिरावट आई है। यह 60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है जो 2021 के बाद इसका सबसे निचला स्तर है। Oilprice.com के मुताबिक ब्रेंट क्रूड अभी 60.22 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। सप्लाई बढ़ने और डिमांड फ्लैट होने से क्रूड की कीमत में गिरावट आई है। पिछले सत्र में यह 60 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे चला गया था जो इसका 5 साल का न्यूनतम स्तर है। क्रूड की कीमत में इस साल 21 फीसदी गिरावट आई है और यह 2020 के बाद उसका सबसे खराब प्रदर्शन है।

क्रूड से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी समेत कई उत्पाद बनते हैं। जब कच्चे तेल को रिफाइन किया जाता है तो इसे अलग-अलग घटकों में तोड़ा जाता है जिन्हें हाइड्रोकार्बन कहा जाता है। इसके पहले चरण में पेट्रोलियम गैस जैसी अन्य प्राकृतिक गैसें निकलती है और इसी पेट्रोलियम गैस को एलपीजी सिलेंडर में भरा जाता है। कच्चा तेल सस्ता होने से रिफाइनरीज का मार्जिन बेहतर हुआ है। वे इसका फायदा ग्राहकों को दे सकते हैं। इसकी वजह यह है कि अगले साल भी क्रूड की कीमत में ज्यादा तेजी आने की गुंजाइश नहीं है।
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