खाद संकट और हंगामे पर कृषि मंत्री बोले-सब प्री-प्लान:कहा- खाद की समस्या नहीं

किसानों की पिटाई और दुर्व्यवहार के वायरल वीडियो पर कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सौ किसानों की खाद की लाइन में चंद 4-5 लोगों को जानबूझकर घुसाया जाता है, जो हंगामा करते हैं, थप्पड़ तक मारते हैं और फिर वीडियो वायरल किए जाते हैं। यह सब प्री-प्लान साजिश है।

मंत्री ने दो टूक कहा कि मध्यप्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और किसानों को गुमराह किया जा रहा है। वे एमपी की मोहन सरकार के दो साल पूरे होने पर भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। उन्होंने खाद संकट के आरोपों को खारिज किया।

उन्होंने कहा, कोई एक किसान बता दे कि खाद न मिलने से उसने फसल नहीं बोई-ऐसा कोई उदाहरण नहीं है। सरकार ई-विकास प्रणाली के तहत खाद की होम डिलीवरी शुरू कर रही है, ताकि मैनेजमेंट बेहतर हो।

कर्जमाफी पर बोले-ये हमारे घोषणा पत्र में ही नहीं इस दौरान कृषि मंत्री से पत्रकारों ने पूछा कि दो साल की उपलब्धियों में किसान कर्जमाफी योजना का कहीं जिक्र नहीं किया? क्या वो योजना बंद कर दी गई है? इसके जवाब में कंसाना ने कहा- यह योजना भाजपा के घोषणा पत्र में थी ही नहीं, यह कांग्रेस का वादा था। कमलनाथ सरकार ने वादा पूरा नहीं किया, इसलिए सरकार भी चली गई—यह सबको मालूम है।

लाइन में खड़े-खड़े इन किसानों की मौत

1. गुना — भूरिया बाई (आदिवासी महिला) तारीख: 26–27 नवंबर 2025 के आसपास: भूरिया बाई दो दिनों तक खाद लेने के लिए लंबी लाइन में खड़ी रहीं और कड़कड़ाती ठंड तथा प्रतीक्षा के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई। उसी रात या अगले दिन अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। यह मामला गुना जिले के बागेरी (बमोरी) खाद वितरण केंद्र पर हुआ था।

2. टीकमगढ़ — जमुना कुशवाहा (किसान) तारीख: 8–9 दिसंबर 2025: जमुना कुशवाहा खाद (यूरिया) के लिए लगातार 3 दिनों तक लाइन में खड़े रहे। 9 दिसंबर को बीच दिनों अपनी बारी का इंतजार करते हुए उनकी तबीयत बिगड़ गई और दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। यह मामला टीकमगढ़ जिले के बडोरा खाद केंद्र पर हुआ।

​​​​​​कृषि मंत्री ने दो साल की यह उपलब्धियां गिनाईं

  • प्रदेश आज सोयाबीन और मक्का उत्पादन में देश में पहले नंबर पर है। जबकि गेहूं, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज में दूसरे स्थान पर है।
  • सिंचाई रकबा 2002-03 में 7.5 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 55 लाख हेक्टेयर हो गया है, जिसे अगले तीन वर्षों में 65 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • पिछले दो सालों में 48.51 लाख किसानों से 2.41 करोड़ मीट्रिक टन अनाज खरीदा गया और 81,768 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। सोयाबीन भावांतर योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को हजारों करोड़ रुपए की सहायता दी गई।
  • रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना के तहत 16 जिलों में कोदो- कुटकी की खरीदी शुरू की गई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में प्रदेश के 8 जिले शामिल हैं।
  • खाद वितरण, ई-विकास पोर्टल, ई-मंडी, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
  • सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया है, जिसमें किसानों की आय बढ़ाने, पराली जलाने की समस्या घटाने, तकनीक, यंत्रीकरण और डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

आगे का रोडमैप भी बताया

आगामी कृषि योजनाएं एवं कार्ययोजना

  • ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत किसानों को उर्वरकों की होम डिलीवरी सेवा शुरू की जाएगी।
  • प्रदेश में मौसम आधारित फसल बीमा योजना जल्द लागू की जाएगी।
  • भावांतर भुगतान योजना का विस्तार कर मूंगफली और सरसों को भी शामिल किया जाएगा।
  • नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत आगामी वर्ष में 1066 महिला स्व-सहायता समूहों को किसान ड्रोन प्रदान किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
  • नरवाई (पराली) प्रबंधन के लिए सीबीजी प्लांट के साथ पराली को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में उपयोग करने का व्यवसायिक मॉडल विकसित किया जाएगा।
  • वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाते हुए कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा।
  • प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि को जलवायु-अनुकूल बनाया जाएगा।
  • किसानों की उपज के लिए उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किए जाएंगे।
  • कृषि में तकनीकी सुधार, यंत्रीकरण और डिजिटल एग्रीकल्चर को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • मूल्य संवर्धन और विविधीकरण के माध्यम से नए रोजगार सृजित किए जाएंगे।
  • पराली जलाने की समस्या को 40 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • आगामी तीन वर्षों में सभी मंडियों के आधुनिकीकरण की दिशा में कार्य किया जाएगा और ई-मंडी व्यवस्था को और सशक्त बनाया जाएगा।
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