ग्वालियर, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) में ग्वालियर-चंबल संभाग में संगठित फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि एक गिरोह ने जिंदा लोगों को कागजों में मृत दिखाकर बीमा कंपनियों से 2-2 लाख रुपए के क्लेम निकाल लिए।
इस गड़बड़ी से शासन को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की ग्वालियर इकाई ने श्योपुर चंबल अंचल से जुड़े आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
श्योपुर में 50 प्रकरण, 5 फर्जी श्योपुर जिले में स्टार यूनियन दाइची लाइफ इंश्योरेंस के 50 प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से 6 मामलों की जांच पूरी हो चुकी है। एक क्लेम सही पाया गया, जबकि 5 मामलों में फर्जीवाड़ा साबित हुआ। इन 5 मामलों में जीवित लोगों को मृत दिखाकर 2-2 लाख रुपए की बीमा राशि ली गई। इससे शासन को कुल 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ।
निगम और बैंक कर्मचारी भी आरोपी ईओडब्ल्यू ने दीपमाला मिश्रा, जिग्नेश प्रजापति, नवीन मित्तल, पूजा कुमारी, नगर निगम ग्वालियर की जन्म-मृत्यु शाखा के तत्कालीन कर्मचारी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया(यूबीआई) की श्योपुर शाखा के तत्कालीन कर्मचारियों को आरोपी बनाया है। इनके खिलाफ बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एजेंसी का कहना है कि फर्जीवाड़ा यहीं तक सीमित नहीं है, अन्य कंपनियों के क्लेम भी जांच में हैं।
पहले भी दर्ज हो चुके हैं 15 अपराध इससे पहले एक्सिस मैक्स लाइफ और एसबीआई लाइफ से जुड़े 15 मामलों में ग्वालियर, मुरैना और भिंड जिलों में अपराध दर्ज हो चुके हैं। गौरतलब है कि पीएमजेजेबीवाई केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना है। 18 से 50 वर्ष तक के लोग पात्र हैं। सालाना प्रीमियम 436 रुपए है। मृत्यु पर नॉमिनी को 2 लाख रुपए मिलते हैं।
8 बीमा कंपनियों के क्लेम की पड़ताल हो रही है
- ईओडब्ल्यू को शिकायत मिली थी कि पीएमजेजेबीवाई के तहत लगातार संदिग्ध क्लेम पास हो रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जीवित व्यक्तियों के फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाए।
- इसके लिए निगम ग्वालियर की जन्म-मृत्यु शाखा के तत्कालीन कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत रही। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बीमा कंपनियों से क्लेम स्वीकृत कराए गए। जांच एजेंसी ने जनवरी 2020 से दिसंबर 2024 तक की अवधि को जांच के दायरे में लिया है।
- इस दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग में पीएमजेजेबीवाई के तहत 8 बीमा कंपनियों-एलआईसी, एसबीआई लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एक्सिस मैक्स लाइफ, स्टार यूनियन दाइची लाइफ (एसयूडी), न्यू इंडिया, यूनाइटेड इंडिया और भारती एक्सा लाइफ द्वारा किए गए क्लेम की पड़ताल की गई