भोपाल, भोपाल के जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस से निकले मीट में गोमांस के मुद्दे पर ‘शहर सरकार’ अपनों से ही घिर गई हैं। स्लॉटर हाउस शुरू करने और जिम्मेदारों की भूमिका पर सांसद आलोक शर्मा ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। वहीं, पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के खास समर्थक और ‘शहर सरकार’ में ही मंत्री (एमआईसी मेंबर) जगदीश यादव ने जिम्मेदारों को निशाने पर लिया है।
स्लॉटर हाउस बंद करना विषय नहीं है। बड़ा मसला तो यह है कि स्लॉटर हाउस में गोमांस कटा कैसे? इसे निगम कैसे चला रहा था? अफसर उदित गर्ग क्या देख रहे थे? क्या एई गर्ग मीट को एक्सपोर्ट करने की परमिशन दे सकते हैं? 24 अक्टूबर-25 को जब मेयर इन कौंसिल की बैठक हुई थी, तब सिर्फ निर्माण कार्य में समय वृद्धि दिए जाने का ही विषय था, लेकिन एई गर्ग ने इसे संकल्प बताते हुए नोटशीट दी। जिसमें असलम चमड़ा को स्लॉटर हाउस का संचालन 20 साल के लिए सौंप दिया गया। यह पूरा खेल इस तरह से खेला गया कि किसी को भनक भी नहीं लगे।
दूसरी ओर, तब कुकर्मी समेत अन्य मामलों में अपराधियों के घरों पर बुलडोजर चल जाता है तो स्लॉटर हाउस मामले में बुलडोजर शांत क्यों है? पुलिस एफआईआर में साफ लिखा है कि मीट में गोमांस था। इस मामले में असलम चमड़ा की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन उसके विरुद्ध रासुका की कार्रवाई नहीं की गई। न ही दोषी अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई।
मैंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि वे असलम चमड़ा के घर पर बुलडोजर चलाने के आदेश दें, या फिर मुझे आदेशित करें। हम सब बुलडोजर चला देंगे।
कमिश्नर की भूमिका भी सवालों के घेरे में निगम कमिश्नर संस्कृति जैन की तरफ से अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर एमआईसी मेंबर यादव ने कहा, स्लॉटर हाउस का संचालन गलत तरीके से शुरू किया गया। इसमें भी भैंस की स्लॉटिंग करने की ही अनुमति दी गई थी, लेकिन यहां तो गायें कट रही थीं। क्या निगम ने गायें कटने का एग्रीमेंट किया था? साफ है कि असलम चमड़ा ने एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है। फिर भी कमिश्नर केस दर्ज क्यों नहीं करा रही?
सांसद बोले- सरकार और प्रशासन हर बिंदू पर जांच कर रहा इस मामले में सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि संगठन स्तर पर चर्चा हुई है। सारी चीजों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा। दूध का दूध और पानी का पानी होगा। सांसद शर्मा ने कहा कि जिन्होंने ये सब किया, उनकी भूमिका की जांच हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भी आग्रह किया है। सरकार और प्रशासन एक-एक बिंदू के ऊपर जांच कर रहा है।
स्लॉटर हाउस शुरू नहीं करने पर हटाने तक का नोटिस दे दिया था सांसद शर्मा ने कहा कि जब मैं भोपाल का महापौर था, तब भी कई बार प्रस्ताव आए, लेकिन मैंने स्लॉटर हाउस चलाने की अनुमति नहीं दी। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल) ने मुझ पर नाराजगी जताई। लताड़ भी लगाई। दूसरी ओर, नगरीय प्रशासन विभाग के तत्कालीन एक सीनियर अधिकारी ने मुझे महापौर पद से हटाने तक का नोटिस दे दिया, लेकिन मैं डरा नहीं। स्लॉटर हाउस को खोलने की अनुमति नहीं दी।
हाल ही में आए मामले से मैं दुखी और व्यथित हूं। गुस्सा भी है। मैं फाइल का अध्ययन कर रहा हूं। क्या गायें यही काटी गई? सीसीटीवी कैमरे भी खंगाल रहे हैं। जो दोषी पाया जाएगा, कानून-प्रशासन अपना काम करेगा। जिनके नाम आएंगे, उसे भोपाल का बेटा भी नहीं छोड़ेगा। दूसरी ओर, कांग्रेस ने मेयर मालती राय के विरुद्ध एफआईआर की मांग की है।