ग्वालियर: उत्तर प्रदेश के पशु चोरों की गैंग ग्वालियर में सक्रिय हो गई है। जिले की हस्तिनापुर थाना पुलिस ने ऐसे चार चोरों को पकड़ा है, जिन्होंने यहां से दो भैंस चोरी की और झांसी के बूचड़खाने में बेच दिया। आरोपियों ने एक लाख रुपये में यह भैंस बेचीं और कटवा दीं।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि चारों आरोपी पहले भी यहां से भैंस चोरी कर चुके हैं। इससे पहले बीते रोज पुरानी छावनी थाना पुलिस ने भी एक चोर को पकड़ा था। उसने यहां से चार भैंस चोरी कर बरुआ सागर के बूचड़खाने में सवा लाख रुपए में बेच दी और जब तक पुलिस वहां पहुंची भैंसें काटी जा चुकी थीं।जानकारी के अनुसार, हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आरोली गांव का रहने वाला संतोष जाटव रात को भैंसों को जंगल से लेकर घर लौटा। इसके बाद भैंसों को घर के बाहर बांध दिया। सुबह जब नींद खुली तो भैंसें गायब थीं। हस्तिनापुर थाना पुलिस ने चोरी की एफआइआर दर्ज की और आरोपियों की तलाश शुरू की।
भैंसों और चोरों की तलाश के दौरान करीब एक किलोमीटर दूर बोलेरो पिकअप यूपी 93 डीटी 7203 जाती दिखी। इस गाड़ी में भैंसे भरी हुई थीं। इसके बाद पुलिस ने इनकी तलाश शुरू की। पुलिस ने चार आरोपितों को पकड़ लिया। पुलिस ने जब पूछताछ की तो पता लगा कि यह भैंस चोरी करने के बाद आरोपी सीधे झांसी पहुंचे थे। यहां बूचड़खाने में भैंसों का सौदा कर दिया।
यह आरोपी पकड़े
- समीर पुत्र साफिया कुरैशी निवासी ओरछा गेट, कसाई मंडी, कोतवाली, झांसी।
- मोहनलाल पुत्र भजनलाल सेन निवासी नारायण बाग कालोनी, थाना नवाबाद झांसी।
- नीलेश पुत्र स्वर्गीय सुखलाल निवासी मेवाती मोहल्ला, हथियापौर, डीपी के पास ग्वालियर।
- राजू पुत्र पन्नालाल नामदेव निवासी चार शहर का नाका, हजीरा ग्वालियर।