मुंबई/ठाणे: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे माघ पूर्णिमा के मौके पर ठाणे से कल्याण में स्थित मलंगनाथ गढ़ पहुंचे। यहां पर उन्होंने मच्छिंद्रनाथ के दर्शन किए। इतना ही नहीं शिंदे ने माघी पूर्णिमा के मौके पर शिवसेना ने मलंगगढ़ पर भगवा झंडा फहराया। ठाणे जिले में कल्याण के पास स्थित मलंगगढ़ हिंदू और मुस्लिम दोनों की आस्था का स्थल है। मलंगगढ़ यानी मलंग बाबा की पहाड़ी। एक प्राचीन स्थल है। जो सालों से मंदिर और दरगाह के दावों के बीच विवाद का केंद्र बना हुआ है। मुस्लिम इस 12वीं शताब्दी के सूफी संत हाजी अब्दुल रहमान (हाजी मलंग बाबा) की दरगाह मानता है तो वहीं हिन्दुओं में नाथ संप्रदाय के अनुयासी इस मच्छिंद्रनाथ मंदिर यानी मच्छिंद्रनाथ की समाधि स्थल मानते हैं।
हिन्दू-मुस्लिम दोनों की आस्था
हाजी मलंगगढ़ और मच्छिंद्रनाथ मंदिर के लिए बड़ी संख्या में लोग यहा जाते हैं। यह ठाणे का प्रसिद्ध टूरिस्ट प्वाइंट है। मच्छिंद्रनाथ के दर्शन और भगवा लहराने के बाद एकनाथ शिंदे ने मलंगगढ़ पर कंस्ट्रक्शन को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंन कहा कि कोर्ट से उम्मीद के मुताबिक फैसला आएगा। माघी पूर्णिमा के दिन श्री मलंगनाथ गढ़ एक बार फिर भक्ति, आस्था और जश्न के संगम से जगमगा उठा है। शिंदे ने इस मौके पर कहा कि हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के आदेश पर और गुरुवर्य धर्मवीर आनंद दिघेसाहेब के कॉन्सेप्ट पर शुरू की गई यह मंगल यात्रा पिछले कई सालों से लगातार चल रही है और इसी जोश के साथ आगे भी जारी रहेगी। मलंगगढ़ में हिंदू-मुस्लिम दोनों की आस्था है।
शिंदे ने कहा कि मलंगनाथ के दर्शन के लिए राज्य भर से और यहां तक कि विदेश से भी हजारों भक्त मलंगगढ़ पहुंच रहे हैं। नाथ की समाधि के दर्शन करके भक्त भावुक हो रहे हैं, और इलाका पूरे दिन नाथ के जयघोष से गूंज रहा है। यात्रा के मौके पर पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। इस साल, यात्रा ने एक खास रूप ले लिया है और भक्तों के लिए एक फनिक्युलर (रोपवे) सर्विस शुरू की गई है। इससे बुजुर्ग, महिलाएं और चलने में दिक्कत वाले भक्त भी आसानी से मलंगनाथ के दर्शन कर सकते हैं।कोर्ट का जल्द आएगा फैसला