रूस ने तैयार की Su-57 स्टील्थ फाइटर की सबसे घातक खेप, यूक्रेन में कहर मचना तय, अमेरिकी प्रतिबंधों को ठेंगा!

मॉस्को: रूसी वायुसेना को Su-57 लड़ाकू विमानों का नया, लेकिन घातक बैच सौंप दिया गया है। सरकारी कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन ने बताया है, कि एयरक्राफ्ट के डिजाइन में कुछ सुधार किए गये हैं, जिससे ये जेट और ज्यादा घातक हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पांचवीं पीढ़ी के इस विमान में अपडेटेड एवियोनिक्स सिस्टम इंटीग्रेट किए गए हैं। ऐसा करने से इस विमान का मिशन रेंज बढ़ गया है। इसमें हथियारों के इंटीग्रेशन और ऑपरेशनल क्षमता में और सुधार किया गया है।

यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन के चीफ एग्जीक्यूटिव वादिम बडेखा ने कहा कि "हम वहीं नहीं रुक रहे हैं जो हासिल हो चुका है। फाइटर में बड़ा बदलाव हुआ है और आज भी इसमें सुधार जारी है। एयरक्राफ्ट के हथियारों और सिस्टम की क्षमताओं को बढ़ाया जा रहा है। इससे पहले से ही सबसे जरूरी कामों को हल किया जा सकता है, जिससे एफिशिएंसी और बेहतरीन मैनूवरिंग और कॉम्बैट क्वालिटी दिखाई देती है।" खास बात ये है कि रूस ने अपग्रेडेशन उस वक्त किए हैं, जब अमेरिका और पश्चिमी देशों ने प्रतिबंधों के जाल में रूस को जकड़ रखा है।

Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट का घातक अवतार क्या है?
अगस्त 2025 में रशियन एयरोस्पेस फोर्सेज के डिप्टी कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अलेक्जेंडर मैक्सिमत्सेव ने पुष्टि की थी कि Su-57 फाइटर्स की डिलीवरी की तैयारी तेजी से चल रही है। इसके बाद अगस्त में एयरक्राफ्ट के प्रोडक्शन के लिए नये सुविधा केन्द्र खोले गये थे। रूसी वायुसेना को अगले साल तक 76 नये Su-57 सौंपे जाने हैं। इससे पहले पिछले साल नवंबर में Su-57 का एक बैच अल्जीरियाई एयर फोर्स को डिलीवर किया गया था। नवंबर 2025 में सरकारी डिफेंस ग्रुप रोस्टेक के CEO, सर्गेई चेमेजोव ने कहा था कि Su-57 को आधुनिक क्षमताओं से लैस करने का काम जारी है। इसमें कई एडवांस पार्ट्स लगाए गये हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स को और डेवलप किया गया है और आधुनिक मिसाइलों को इंटीग्रेट किया गया है।
सुखोई डिजाइन ब्यूरो की फ्लाइट सर्विस के हेड सर्गेई बोगदान ने पहले कहा था कि यूक्रेन युद्ध में क्षमता का परीक्षण करने के साथ Su-57 के डिज़ाइन को और बेहतर और अपडेट किया जा सका है। उन्होंने भविष्य के आधुनिकीकरण प्लान के बारे में कहा कि "जब तक एयरक्राफ्ट को डीकमीशन नहीं किया जाता, तब तक इसे बेहतर बनाया जाता रहेगा। प्रोडक्शन में लाने से पहले हम सभी बदलाव और इनोवेशन शामिल करते हैं।" रूसी अधिकारियों ने कहा है कि Su-57 की हवा में लड़ाकू क्षमता, हवा से हवा में लड़ाई करने की क्षमता और भारी हथियारों के साथ दुश्मन के टारगेट पर हमला करने की क्षमता में सुधार किया गया है।
भारत के पास भी होंगे एडवांस Su-57 लड़ाकू विमान
रूस लगातार Su-57 को और घातक बना रहा है। उसकी कोशिश नाटो देशों की वायुसेना को चुनौती देना है। रूस की भारत से भी Su-57 के लाइसेंस प्रोडक्शन को लेकर बातचीत चल रही है। जनवरी में रूसी अधिकारियों ने दावा किया था कि भारत के साथ बातचीत एडवांस स्तर पर पहुंच चुकी है। भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही रूसी Su-30MKI लड़ाकू विमान है, जिसकी संख्या 270 से ज्यादा है। ये विमान भारत के नासिक प्लांट में तैयार होता है। माना जा रहा है कि भारतीय वायुसेना के लिए शुरूआत में 140 Su-57 लड़ाकू विमान बनाए जाएंगे।
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