MP में प्रॉपर्टी की नई दरें तय करने की तैयारी… 74 हजार लोकेशन का सर्वे पूरा, 1 अप्रैल से लागू होगी गाइडलाइन

भोपाल। प्रदेश में प्रॉपर्टी की दरें तय करने के लिए विभिन्न जिलों की करीब 74 हजार लोकेशन का सर्वे राजस्व और पंजीयन विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया है। इनके आधार पर ही नई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव बनाया जा रहा है, जिसे जल्द ही जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में चर्चा के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेज दिया जाएगा। वहां से सहमति मिलने के बाद एक अप्रैल से पूरे प्रदेश में प्रापर्टी की नई दरें लागू कर दी जाएंगी।

एआइ और सॉफ्टवेयर से हो रहा आकलन

जानकारी के अनुसार प्रदेश में करीब सवा लाख से अधिक लोकेशन हैं, जिनमें से 74 हजार से अधिक लोकेशन पर प्रापर्टी की खरीद-बिक्री की जाती है। इन्हीं पर पंजीयन व राजस्व अधिकारियों द्वारा संपदा टू साफ्टवेयर और एआइ सहित अन्य माध्यमों से सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे में पता लगाया जा रहा है कि कितनी लोकेशनों पर वर्तमान दरों से अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इसी तरह भोपाल की तीन हजार लोकेशन पर सर्वे किया गया है, जिनमें से एक हजार से अधिक पर प्रापर्टी की खरीद-बिक्री की जा रही है।

अधिक दरों पर हुई रजिस्ट्रियों का प्रभाव

इनमें से करीब 500 से अधिक लोकेशन ऐसी हैं, जहां पर वर्तमान दरों से अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां करवाई गई हैं। इन लोकेशनों को चिह्नित कर रजिस्ट्रियों का आंकलन कर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिससे नई कलेक्टर गाइडलाइन में प्रापर्टी के दाम तय किए जा सकें। गौरतलब है कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 55 जिलों में 60 हजार स्थानों पर प्रापर्टी की दरों में करीब 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई थी। इसके लिए भी अधिकारियों ने एआइ सहित अन्य माध्यमों से सर्वे किया था।

जल्द होगी मूल्यांकन समिति की बैठक

पिछले सर्वे में सामने आया था कि उक्त लोकेशनों पर निर्माण कार्य, आवासीय, व्यावसायिक भवन, सड़क आदि का निर्माण करने के साथ ही तय दरों से अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि गाइडलाइन का प्रस्ताव बन गया है। इसमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्र से लगी उन लोकेशनों को शामिल किया गया है, जहां पर तय दर से अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इन्हीं लोकेशन पर दरों में वृद्धि किए जाने की तैयारियां की जा रही है। इसको लेकर जल्द ही उप जिला मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित की जाएगी।

अंतिम निर्णय के लिए शासन के निर्देशों का इंतजार

चर्चा के बाद प्रस्ताव जिला मूल्यांकन समिति को भेज दिया जाएगा। महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर का कहना है कि सभी जिलों में कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव बनाने का राजस्व व पंजीयन अधिकारियों द्वारा कार्य किया जा रहा है। प्रस्ताव मिलने के बाद उस पर चर्चा की जाएगी और शासन के दिशा-निर्देश के अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा।

Spread the love