भोपाल: सोने और चांदी के आसमान छूते दाम और अनिश्चिता के कारण ज्वैलरी की मांग प्रभावित हुई है। सोने के आभूषण तो मध्यम वर्ग के बजट से बाहर हो गए हैं। चांदी के कुछ आभूषण बिक रहे हैं लेकिन चांदी के सिक्के और चांदी चोरसा की खरीद-फरोख्त भी कम हो गई है।
वर्ष 2026 की शुरूआत के साथ ही सोने-चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे थे। हालांकि पिछले दो सप्ताह से दोनों कीमती धातुओं के दाम में लाइफ लाइम हाई से गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन अब बाजार में अनिश्चितता का माहौल हो गया है।कुछ विशेषज्ञ दाम और बढ़ने की बात कह रहे हैं तो कुछ लोग सोने, चांदी के दाम में तेज गिरावट की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। यही कारण है कि बाजार में केवल वही लोग खरीदी कर रहे हैं, जिनके यहां मांगलिक आयोजन है या फिर शगुन के तौर पर खरीदी करना जरूरी है।
ज्वैलरी के बजाय केडबरी की खरीदी
सराफा व्यापारियों के अनुसार सोने, चांदी के भाव भविष्य में बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए लोग अब ज्वैलरी के बजाय केडबरी गोल्ड खरीद रहे हैं। केडबरी गोल्ड को कच्चा सोना या ब्रेड गोल्ड भी कहा जाता है। इसमें ग्राहक को मेकिंग चार्ज नहीं देनी होती है। ताजा भाव के अनुरूप मामूली मुनाफे पर इसकी खरीद-फरोख्त होती है।
अब चांदी में भी निवेश शुरू
ज्वैलरी पर आमतौर पर पांच से 15 प्रतिशत मेकिंग शुल्क देना होता है। चादीं भी अब निवेश का माध्यम बन रही है। चांदी के आभूषण केवल जरूरत पर ही खरीदे जा रहे हैं। निवेश के लिए चांदी चोरसा की खरीदी हो रही है।
अंगूठी, चैन, बे्रसलेट बजट से बाहर
सोने के बाद अचानक दो गुना तक होने से परंपरागत ज्वैलरी महंगी हो गई है। सोने की अंगूठी, चैन, चूड़ी और ब्रेसलेट जैसे आभूषणों की मांग अचानक कम हो गई है। अधिकांश गोल्ड शो रूम पर इसकी बिक्री प्रभावित हुई है। इन दिनों मांगलिक सीजन चल रहा है इसके बाद भी बिक्री कम है। लोग या तो कम वजन के आभूषण खरीद रहे हैं या फिर कम शुद्धता वाले। आमतौर पर 91.60 प्रतिशत शुद्धता वाली हालमार्क ज्वैलरी बिकती है। इसे 22 कैरेट ज्वैलरी भी कहा जाता है। दाम बढ़ने से 20 और 18 कैरेट गोल्ड की मांग बढ़ी है।
ज्वैलरी खरीदने पर मैकिंग अलग
गोल्ड से अधिक गोल्ड ज्वैलरी के दाम बढ़ना भी इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। सराफा व्यवसाई ज्वैलरी पर मेकिंग चार्ज प्रतिशत में लेते हैं। दाम बढ़ने से मेकिंग भी महंगी पड़ रही है। उदाहरण के लिए यदि सोने का दाम एक लाख रूपये प्रति 10 ग्राम है तो आपको मेकिंग चार्ज 10 हजार रूपये देने होंगे। दाम डेढ़ लाख रूपये है तो 10 ग्राम के आभूषण पर ही मेकिंग चार्ज 15 हजार रूपये हो जाएगा। इस वजह भी ज्वैलरी की मांग पर असर पड़ा है।