नई दिल्ली, यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने ली है।
10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले पर एक कार में ब्लास्ट हुआ था जिसमें 15 लोगों की जान गई थी। इसकी जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी(NIA) कर रही है। एजेंसियों ने इसे व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल बताया था।
रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र है। जिसमें कहा गया है कि पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकी भी मारे जा चुके हैं।
यह रिपोर्ट UNSC की 1267 सैंक्शंस कमेटी को सौंपी गई है। कमेटी ISIS, अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों पर नजर रखती है।
JeM ने बनाया महिला आतंकियों का संगठन
रिपोर्ट के मुताबिक जैश प्रमुख मसूद अजहर ने अक्टूबर 2025 को महिला आतंकियों की एक अलग विंग बनाई थी। इसका नाम जमात-उल-मुमिनात है। यह विंग आतंकी गतिविधियों को सपोर्ट करने के लिए बनाई गई है। हालांकि ये विंग UN की लिस्ट में यह शामिल नहीं है।
रिपोर्ट में सदस्य देशों के अलग-अलग आकलन का भी जिक्र है। कुछ देशों ने माना कि JeM आतंकी संगठन अभी भी टेररिस्ट एक्टिविटी को बढ़ावा दे रहा है। वहीं कुछ देशों ने इसे निष्क्रिय बताया है।
NIA को भी जैश से जुड़े होने के लिंक मिले थे
दिल्ली ब्लास्ट के बाद NIA ने जांच शुरू की थी। एजेंसी को भी जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से जुड़े होने के लिंक मिले थे। इस मामले में अब तक 9 लोग गिरफ्तार हुए हैं। इनमें तीन डॉक्टर भी शामिल हैं। ये नेटवर्क को मदद करते थे।