लिथियम-आयन बैटरी के लिए चीन का मुंह नहीं ताकना होगा, यहीं सेल से लेकर बैटरी पैक सबकुछ बनेगा

नई दिल्ली: क्लीन एनर्जी के सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की राह पर भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में, आंध्र प्रदेश में भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड बैटरी गीगाफैक्ट्री (Gigafactory) लगने जा रही है। यह फैक्ट्री वारी एनर्जीज (Waaree Energies) की सहायक कंपनी वारी एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशन (Waaree Energy Storage Solution) लगाएगी। 16 GWh (गीगावाट-ऑवर) क्षमता वाली इस फैक्ट्री में लिथियम-आयन सेल और बैटरी पैक के साथ साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का भी निर्माण होगा।

कहां लगेगी फैक्ट्री?

वारी एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशन (WESSPL) की यह फैक्ट्री आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली (Anakapalli) जिले के रामबिली (Rambilli) में बनेगी। उस फैक्ट्री में सिर्फ बैटरी सेल ही नहीं, बल्कि मोटर वाहनों में उपयोग होने वाले बैटरी पैक (Battery Pack) और बड़े पैमाने पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का भी निर्माण होगा। BESS का मतलब है ऐसी बैटरी सिस्टम जो बिजली को स्टोर करके जरूरत पड़ने पर ग्रिड को सप्लाई कर सके, जैसे कि जब सूरज की रोशनी न हो या हवा न चल रही हो।

कितने का होगा निवेश

WESSPL के इस प्रोजेक्ट में करीब 8,175 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इस फैक्ट्री के चालू हो जाने के बाद लगभग 3,000 लोगों को सीधी नौकरियां मिलेंगी। साथ ही हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से भी रोजगार मिलेगा। उल्लेखनीय है कि लिथियम-आयन बैटरी के इस प्रोजेक्ट को बीते मंगलवार को ही आंध्र प्रदेश स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (SIPB) से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इस बोर्ड की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने की थी।

सबकुछ राज्य में ही बनेगा

आमतौर पर बड़ी फैक्ट्री में रॉ मैटेरियल बाहर से मंगाए जाते हैं। लेकिन इसे आंध्र प्रदेश सरकार के रिन्यूएबल एनर्जी इकोसिस्टम (नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र) में बैकवर्ड इंटीग्रेशन (पिछड़ा एकीकरण) योजना के तहत लगाई जा रही है। तभी तो इसमें रॉ मैटेरियल से लेकर तैयार फाइनल प्रोडक्ट तक, सब कुछ राज्य में ही तैयार किया जाएगा। इस योजना का लक्ष्य आंध्र प्रदेश को सिर्फ बिजली उत्पादन का केंद्र बनाने के बजाय क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस भी बनाना है।

क्या कहना है सरकार का

आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने इस बारे में बताया, "यह भारत का सबसे बड़ा बैटरी मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट होगा। यह सिर्फ क्षमता के मामले में ही नहीं, बल्कि पूरी तरह से इंटीग्रेटेड (एकीकृत) होने के कारण भी खास है। इसमें बैटरी सेल, बैटरी पैक और ग्रिड-स्केल स्टोरेज सिस्टम का निर्माण शामिल है।" उन्होंने आगे कहा, "हमारा लक्ष्य आंध्र प्रदेश में क्लीन एनर्जी की पूरी वैल्यू चेन (मूल्य श्रृंखला) बनाना है। रिन्यूएबल पावर जनरेशन (नवीकरणीय बिजली उत्पादन) और सोलर मैन्युफैक्चरिंग (सौर विनिर्माण) के बाद, यह प्रोजेक्ट हमें एडवांस्ड एनर्जी स्टोरेज (उन्नत ऊर्जा भंडारण) के क्षेत्र में मजबूती से आगे ले जाएगा, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक रणनीतिक क्षेत्र है।"

शेयर का क्या हाल

वारी एनर्जीज के शेयर कल यानी बुधवार को बीएसई में 2964.10 रुपये पर बंद हुआ था। आज यह गिर कर 2963 रुपये पर खुला और नीचे में 2940.25 रुपये तक आया। बाद में सुधर कर 2988.25 रुपये पर पहुंचा। सुबह साढ़े नौ बजे यह 2956.35 रुपये पर ट्रेड हो रहा ध्िाा जो कि कल के मुकाबले 0.26 फीसदी नीचे है।

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