जयपुर: राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासतौर पर सीकर जिले स्थित खाटू श्याम मंदिर ने लोकप्रियता के मामले में देश के बड़े तीर्थों जैसे वैष्णो देवी मंदिर और शिरडी साईं बाबा मंदिर को भी पीछे छोड़ दिया है। वहीं डीग जिले के पूंछरी का लौठा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बता दें कि साल 2025 में राजस्थान के 10 बड़े मंदिरों में लगभग 11 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे, जो 2024 की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है।पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल के दौरान पूंछरी का लौठा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एक वर्ष में 54 प्रतिशत बढ़कर करीब डेढ़ करोड़ तक पहुंच गई। इससे यह स्थल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में दूसरे स्थान पर पहुंच गया और पुष्कर मंदिर को पीछे छोड़ दिया।
खाटू श्याम जी अब भी नंबर एक, शिवाड़ मंदिर पीछे खिसका
करीब 2.54 करोड़ श्रद्धालुओं के साथ खाटू श्याम मंदिर राज्य में पहले स्थान पर बना हुआ है। दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण सवाई माधोपुर जिले का शिवाड़ मंदिर नौवें से दसवें स्थान पर खिसक गया। श्रद्धालुओं में कमी के बावजूद हनुमानगढ़ का गोगामेड़ी मंदिर दसवें से नौवें स्थान पर पहुंच गया। सालासर बालाजी मंदिर, अजमेर दरगाह शरीफ, रामदेवरा मंदिर और कैलादेवी मंदिर अपने स्थान पर कायम रहे, जबकि सांवलियाजी मंदिर तीसरे से चौथे स्थान पर आ गया।
धार्मिक पर्यटन से व्यापार को बढ़ावा मिला
फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का कहना है कि धार्मिक पर्यटन से परिवहन, हस्तशिल्प और होटल उद्योग को बड़ा लाभ मिल रहा है। खाटूश्यामजी क्षेत्र में व्यापारियों का कारोबार कई गुना बढ़ चुका है। उन्होंने सरकार से धार्मिक सर्किट को मजबूत करने और मंदिरों में ऑनलाइन दर्शन बुकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग भी की, ताकि भीड़ प्रबंधन बेहतर हो सके।
पूंछरी का लौठा के विकास पर सरकार का जोर
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने हालिया बजट में पूंछरी का लौठा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ब्रज कन्वेंशन सेंटर बनाने की घोषणा की है। इस परियोजना में ठहरने के लिए कमरे, प्रदर्शनी स्थल और पार्किंग की सुविधा विकसित की जाएगी। साथ ही सड़कों के चौड़ीकरण और ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग के सुदृढ़ीकरण का कार्य भी प्रस्तावित है। उधर, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन भी मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा कर चुका है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी समय-समय पर यहां दर्शन के लिए आते रहते हैं।
प्रदेश और देश में मंदिरों की स्थिति
एक अनुमान के अनुसार राजस्थान में करीब 39 हजार 392 मंदिर हैं, जबकि पूरे भारत में लगभग 7.5 लाख हिंदू मंदिर होने का अनुमान है। प्रति एक लाख आबादी पर प्रदेश में औसतन 47 मंदिर हैं। मंदिरों की संख्या के मामले में तमिलनाडु देश में पहले स्थान पर है, जबकि राजस्थान छठे स्थान पर आता है।