भोपाल में ‘लव जिहाद’ रोकने एंट्री टेस्ट जरूरी:केरवा में हिंदू-मुस्लिम कपल को रोका

भोपाल,  शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल केरवा डैम स्थित केरवा नर्सरी में प्रवेश से पहले आधार कार्ड जांच और कथित रूप से बजरंग दल के डर से अलग-अलग धर्म के युवक-युवती को एंट्री नहीं देने का मामला सामने आया है। यहां रोजाना सैकड़ों पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन अब गेट पर पहचान पत्र की जांच के नाम पर नई व्यवस्था लागू की गई है।

1. टिकट से पहले आधार की मांग रिपोर्टर: “कितने का टिकट?” कर्मचारी: दो लोगों का…60 रुपए का, पहले आधार कार्ड दो। मोबाइल में आधार दिखाने पर उसने कहा– “मोबाइल में दिखा दो… आधार ही लगता है।

2. पहचान देखते ही एंट्री से इनकार दोनों के आधार कार्ड देखने के बाद कर्मचारी ने कहा “अलाउड नहीं है… आपको नहीं भेज सकेंगे। कारण पूछने पर जवाब मिला “बजरंग दल वाले आ जाएंगे, परेशान करेंगे आपको। वो रोज आते हैं। रिपोर्टर ने कहा– “वो हम डील कर लेंगे। इस पर कर्मचारी ने दोबारा दोहराया कि अलाउड ही नहीं है।

3. पुलिस और विभाग का हवाला कर्मचारी ने आगे कहा कि यह जो आप कार्ड दिखा रहे हैं… पुलिस स्टाफ ने मना कर रखा है। ऊपर से आदेश है… वन विभाग से है, थाने से है। उसने दावा किया कि जनवरी की एक तारीख को बड़ा हंगामा हुआ था। “हिंदू परिषद, रातीबड़ थाना… सब आए थे। 30-40 लोगों को पकड़कर ले गए थे।

4. ‘1 जनवरी से लागू है नियम’ रिपोर्टर ने कहा– “हम तो पहले भी आए हैं। कर्मचारी बोला– “यह 1 जनवरी से चालू हुआ है। उसने खुद को वन विभाग का बताते हुए कहा मैं यहां वनपाल हूं।

5. आदेश लेकर आने की सलाह कर्मचारी ने कहा कि एंट्री नहीं है… आदेश है ऊपर से। “थाने में चले जाइए, बोल दीजिए कि हम घूमने आए हैं, हमें आदेश दे दीजिए। वो लोग इंक्वायरी के लिए आते हैं, अगर कोई सिविल ड्रेस में गया हो तो। हालांकि वह बार-बार कहता रहा “मैं आपको मना नहीं कर रहा हूं, जो आदेश हैं वो फॉलो कर रहा हूं। “सबके आधार चेक होते हैं… एक भी बिना आधार का नहीं जाता।

विश्व हिंदू परिषद बोला- हमने आधार कार्ड की मांग की थी मामले में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री जितेंद्र चौहान ने कहा कि हाल ही में वहां कुछ नाबालिगों के साथ घटनाएं हुई थीं, जिनमें एक धर्म विशेष के लोगों के शामिल होने की बात सामने आई थी। उनके मुताबिक, “उसके बाद हमने विभाग और पुलिस से इस बारे में चर्चा की थी। हमारे लोग वहां आते-जाते रहते हैं। हमने आधार कार्ड देखने की मांग की थी, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या इसके लिए कोई आधिकारिक आदेश जारी हुआ है।

पुलिस ने कहा मामले में रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा से बात की गई। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस ने इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया है। उनके अनुसार, “पुलिस किसी पर्यटन स्थल पर धर्म के आधार पर एंट्री रोकने या आधार कार्ड जांच का निर्देश नहीं देती। यह जानकारी गलत है।

विभाग ने कहा एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ एल कृष्ण मूर्ति ने कहा कि इस तरह से हम डिस्क्रिमिनेशन नहीं करते हैं, हमें इस मामले की जानकारी नहीं हैं, इस बारे में पता करते हैं।

क्या है नियम फिलहाल यहां प्रवेश के लिए कोई विशेष प्रतिबंधित नियम लागू नहीं है। सामान्य तौर पर कोई भी व्यक्ति टिकट लेकर प्रवेश कर सकता है। प्रति व्यक्ति 20 रुपए और 10 रुपए का शुल्क लिया जाता है, जो तीन से पांच घंटे की अवधि के लिए मान्य होता है। इसके अलावा फोटोग्राफी के लिए कैमरे का अलग से 500 रुपए शुल्क निर्धारित है।

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