मुंबई: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन अजित पवार को भावुक तरीके से याद किया गया। सीएम फडणवीस ने शोक प्रस्ताव रखा तो डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे ने भी अजित पवार के साथ अपनी यादों को साझा किया। फडणवीस ने कहा कि राज्य ने एक ऐसा नेता खो दिया है, जो महाराष्ट्र का सबसे अच्छा (काबिल) मुख्यमंत्री बनने की पूरी क्षमता रखता था। सीएम फडणवीस ने भावुक होते हुए कहा कि अजित और मेरा जन्मदिन एक ही दिन आता है। वह मुझसे 11 साल बड़े थे और सही मायने में मेरे दादा (बड़े भाई) थे। उनके रूप में राज्य को सबसे अच्छा मुख्यमंत्री मिल सकता था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। फडणवीस ने कहा कि वह हमेशा समय के पाबंद थे। वह कभी भी वक्त नहीं चूकते थे, लेकिन उस दिन उनका निर्णय चूक गया।
महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने दादा को उनसे हुई मुलाकातों के जरिए याद किया। उन्होंने कहा कि दादा ने राज्य के लोगों के मन में ‘काम करने वाले आदमी’ की पहचान बनाई। उन्होंने अपनी हिंदी में कहा कि शरीर भले ही जल जाए, लेकिन काम के जरिए आत्मा हमारी यादों में रहती है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा कि जिस बरगद के पेड़ के नीचे हम बड़े होते हैं, उसकी अहमियत तब समझ आती है जब वह गिर जाता है।
मुंबई में आयोजित सर्वदलीय शोकसभा में अजित पवार को श्रद्धांजलि दी गई। सीएम फडणवीस ने इस मौके पर कहा कि एक राज्य एक व्यक्ति नहीं बनाता, बल्कि इसमें कई लोगों का योगदान होता है। एक लीडरशिप का योगदान होता है। देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि महाराष्ट्र बनने और महाराष्ट्र के इतिहास में अजित दादा का नाम सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
इस शोक सभा में एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, एक्टर नाना पाटेकर, यूनियन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे, पूर्व चीफ जस्टिस भूषण गवई ने अपने विचार रखे। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने शोक सभा में आए लोगों का शुक्रिया अदा किया। शोक सभा में पूर्व सीजेआई बी आर गवई भी पहुंचे। उन्होंने भी अपने विचार रखे। 28 जनवरी को अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत के बाद 31 जनवरी को उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बनी थीं। उन्हीं में एनसीपी की कमान संभालने की उम्मीद है।