इस्लामाबाद: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमले से पैदा हुए तेल संकट में पाकिस्तान फंस गया है। पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। तेल संकट को देखते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार एक बचत प्लान पर भी काम कर रही है। शहबाज सोमवार को इस प्लान को पेश कर सकते हैं। देश में पेट्रोल-डीजल पर मचे बवाल को देखते हुए शरीफ ने सरकार की बचत स्ट्रैटेजी पर कई बैठकें की हैं।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज शरीफ की बैठक के बाद बचत प्लान सोमवार को घोषित किया जा सकता है। इस प्लान के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है। माना जा रहा है कि इसमें कम पेट्रोल-डीजल में काम चलाने के बारे में बताया जाएगा ताकि तेल की कमी से देश की अर्थव्यवस्था ठप नहीं हो जाए।
लोगों से कम उर्जा खर्च की अपील
पाकिस्तान सरकार की ओर से कहा गया है कि किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने एक कंटिंजेंसी प्लान तैयार कर लिया है। इसमें हालात नॉर्मल होने तक वर्क फ्रॉम होम और डिस्टेंस लर्निंग का प्रस्ताव है। हालांकि इस प्रस्ताव को भी अभी पब्लिक के सामने नहीं लाया गया है।रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज शरीफ की सरकार ने कहा है कि समाज के सभी तबकों को बचत का बोझ समझदारी से उठाना चाहिए। वहीं अमीर लोगों को ‘बचत के उपाय’ अपनाकर एक मिसाल कायम करनी चाहिए। सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश करते हुए कहा है कि सोमवार तक तीन पेट्रोलियम शिपमेंट पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है।
पाकिस्तान के पेट्रोल पंपों पर भीड़
ईरान युद्ध के चलते सप्लाई प्रभावित होने का पाकिस्तान पर असर इतना ज्यादा है कि ना सिर्फ सरकार को दाम बढ़ाने पड़े हैं बल्कि वह लोगों को भी नहीं समझा पा रही है। पाकिस्तान के लाहौर, कराची, इस्लामाबाद जैसे शहरों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोगों का कहना है आने वाले दिनों में कहीं तेल की किल्लत होने का डर है। इससे खासतौर से शहरों में एक उथलपुथल की स्थिति बन गई है।