नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC बैंक ने अपने पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे की जांच के लिए तीन लॉ फर्म्स को नियुक्त किया है। इनमें भारत की Trilegal और Wadia Ghandy & Co के साथ एक अमेरिकी लॉ फर्म भी शामिल है। इन फर्म्स को चक्रवर्ती के इस्तीफे वाले पत्र की समीक्षा करने और बैंक में गवर्नेस यानी कामकाज के नियमों का पालन सही तरीके से हुआ या नहीं, इसकी जांच करने को कहा गया है।
सूत्रों के अनुसार, ये फर्म्स बैंक की पिछली बोर्ड मीटिंग्स के रिकॉर्ड भी देखेंगी, ताकि यह समझा जा सके कि चक्रवर्ती ने अपने पत्र में जिन मूल्यों और नैतिकता से जुड़े मतभेदों की बात कही, उसमें कितनी सच्चाई है। हालांकि कहा गया है कि वह चक्रवर्ती के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा
इस्तीफे में क्या कहा?
अतानु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इससे पहले गवर्नेस, फर्म नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी के चेयरमैन को लिखे पत्र में इसका कारण ‘मूल्य और नैतिकता’ बताया था। चक्रवर्ती ने लिखा था कि पिछले 2 वर्षों में बैंक के भीतर होने वाली कुछ गतिविधियां और प्रथाएं उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। फर्म्स यही जांच करेंगी कि वे मूल्य क्या थे और क्या सच में कहीं कोई दिक्कत थी?
बैंक ने क्या कहा?
बैंक ने अपने बयान में कहा कि वह मजबूत और पारदर्शी गवर्नेस सिस्टम को बनाए रखने के लिए यह कदम उठा रहा है। वहीं, RBI ने भी स्पष्ट किया है कि HDFC बैंक पूरी तरह वित्तीय रूप से मजबूत है और उसके संचालन में कोई बड़ी समस्या नहीं है। दूसरी ओर, SBBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा कि स्वतंत्र निदेशकों को अपने बयान और आरोपों के लिए जिम्मेदार होना चाहिए और बिना ठोस सबूत के किसी तरह के संकेत नहीं देने चाहिए।
‘कॉर्पोरेट गवर्नेस के लिए उठाया कदम’
बैंक ने कहा कि यह कदम मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेस और पारदर्शिता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। बैंक के मजबूत गवर्नेस मानकों को और मजबूत करने के लिए बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 23 मार्च को हुई अपनी बैठक में इस्तीफे की समीक्षा करने के लिए बाहरी लॉ फर्मों की नियुक्ति को मंजूरी दी।
फैसले के बाद बैंक का शेयर चढ़ा
खबर के सामने आते ही मंगलवार को HDFC बैंक के शेयरों में तेजी आई। इस तेजी के साथ पिछले तीन दिनों से चल रही गिरावट पर ब्रेक लगा। मंगलवार को एचडीएफसी बैंक के शेयर 2.88% की तेजी के साथ 765.15 रुपये पर बंद हुए।
इससे पहले चक्रवर्ती के इस्तीफे के अगले ही दिन HDFC बैंक के शेयर 5% गिरकर 52 हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। वही उसके बाद से बैंक के शेयरों में लगभग 12% तक की गिरावट आ चुकी थी, जिससे बैंक के निवेशकों की चिंता बढ़ गई थी। इस्तीफे के बाद आरबीआई ने केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया है।