कोंडागांव में धर्मांतरण की शिकायतें,ग्रामीणों ने कलेक्टर को दिया आवेदन

कोंडागांव, कोंडागांव जिले के एक गांव में कथित धर्मांतरण गतिविधियों की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर इन गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से गांव में बाहरी लोगों की मौजूदगी बढ़ी है। उनके माध्यम से धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आरोप है कि कुछ लोगों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया है।

आवेदन में बताया गया है कि इन गतिविधियों से गांव की सामाजिक एकता प्रभावित हो रही है। पारंपरिक मान्यताओं पर असर पड़ रहा है। लोगों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है। आपसी सौहार्द भी बिगड़ने लगा है।

ग्रामीणों ने श्मशान घाट की जमीन पर अतिक्रमण का आरोप भी लगाया है। इस कारण विवाद और गहराने की बात कही गई है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। कहा है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए जल्द कदम उठाने की मांग की गई है।

प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि आवेदन मिल चुका है। मामले की जांच की जाएगी। किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर पहले से सख्त प्रावधान लागू हैं। इसके बाद भी अंदरूनी क्षेत्रों से इस तरह की शिकायतें सामने आना प्रशासन के लिए चुनौती बन रहा है।

कोंडागांव, 25 मार्च। प्रदेश सरकार द्वारा धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून लागू किए जाने के बावजूद जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियां जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। कोंडागांव जिले के एक गांव से ताजा मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर कथित धर्मांतरण गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।

ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि गांव में पिछले कुछ समय से बाहरी लोगों के माध्यम से धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के कारण गांव का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है और आपसी विवाद की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जिससे गांव में तनाव का वातावरण निर्मित हो रहा है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन गतिविधियों से गांव की सामाजिक एकता और पारंपरिक मान्यताओं पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो रही है और आपसी सौहार्द बिगड़ रहा है। इसके अलावा, ग्राम के श्मशान घाट (मरघट) की भूमि पर अतिक्रमण का भी आरोप लगाया गया है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में शांति और सामाजिक समरसता बनी रहे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच कर उचित कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर पहले से ही सख्त प्रावधान लागू हैं। इसके बावजूद अंदरूनी इलाकों से इस तरह की शिकायतें सामने आना प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

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