नई दिल्ली: दुनिया तेल संकट से निकल नहीं पा रही है। ईरान-अमेरिका/इजरायल के बीच युद्ध में नरमी के संकेत मिलने के बाद अब रूस पर यूक्रेन के हमलों ने चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकाबंदी के बाद तेल की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। ऐसे में रूसी तेल ने भारत समेत दुनिया की ऊर्जा की काफी जरूरतों को पूरा किया। लेकिन अब रूसी तेल पर भी संकट आ गया है।
यूक्रेन के ताजा हमलों के कारण रूस को भारी नुकसान हुआ है। यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस की तेल पाइपलाइन को काफी नुकसान हुआ है। वहीं कई टैंकरों को भी जब्त किया है। इससे रूस की तेल निर्यात क्षमता का कम से कम 40 फीसदी हिस्सा ठप हो गया है। रॉयटर्स के अनुसार, दुनिया के दूसरे सबसे बड़े तेल निर्यातक रूस के लिए यह गंभीर संकट है।
तेल की कीमतों में आई तेजी
रूस के साथ यह संकट ऐसे समय आया है जब ईरान युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। गुरुवार को ब्रेंट ऑयल में करीब 2 फीसदी की तेजी आई। इस तेजी के साथ यह प्रति बैरल 104 डॉलर के पार चला गया। वहीं अमेरिकी ऑयल (WTI) में भी करीब 2 फीसदी की वृद्धि हुई और यह प्रति बैरल 92 डॉलर के ऊपर था। रूस की 2.6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए तेल राजस्व मुख्य आधार है।