सक्ती, छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में 1800 रुपए के लिए दो युवकों ने अपने ही दोस्त की जान ले ली। आरोप है कि राहुल कुर्मी (25) ने युवक के मोबाइल का फेस पासवर्ड बदल दिया था और जेब से पैसे निकाले थे। जिसके बाद नाराज नारायण यादव ने कपड़े से उसका गला घोंट दिया।
मामला मालखरौदा थाना क्षेत्र का है। गला घोंटने के बाद भी जब राहुल की सांस चल रही थी, तो इंद्रकुमार गबेल ने सिर पर ईंट मारकर उसे मौत के घाट उतारा। 28 मार्च की शाम घर के पास ही राहुल की लाश मिली। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पैसों को लेकर विवाद के बाद गला घोंटा
28 मार्च की शाम करीब 4 बजे बंदोरा गांव में राहुल कुर्मी (25) के घर के पास इंद्र कुमार गबेल (35) और नारायण यादव (20) पहुंचे। इंद्र कुमार ने राहुल से अपने 1800 रुपए वापस मांगे। साथ ही, मोबाइल का फेसलॉक जिसे राहुल ने बदल दिया था, उसे बताने के लिए कहा। नारायण यादव ने भाई के मोबाइल चोरी की बात कही।
इसी बात को लेकर दोनों का राहुल के साथ विवाद हो गया। इसी बीच विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में इंद्र कुमार और नारायण ने मिलकर राहुल का कपड़े से देर तक गला घोंटे रखा। इसके बाद भी जब राहुल छटपटा रहा था तो ईंट से सिर और चेहरे पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
मजदूर खोजने के लिए गया था राहुल
जानकारी के अनुसार, ग्राम बंदोरा निवासी विनोद वर्मा (42) ने मालखरौदा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका भतीजा राहुल कुर्मी (25) “राहुल ऑटो” नाम से धुलाई मशीन सेंटर चलाता था। 28 मार्च की सुबह लगभग 7 बजे राहुल फ्लाई ऐश में मजदूर खोजने के लिए गया था।
इसी दौरान, गांव के हरिहर यादव के घर के पास बैठे विनोद को राहुल के दोस्त रवि साहू (नगर पंचायत अड़भार) ने बताया कि राहुल की घर के बगल में किसी ने हत्या कर दी है। जब विनोद मौके पर पहुंचे, तो उनका भतीजा घर के पास मृत पड़ा था। शव के गले को दबाने, सिर और चेहरे पर ईंट से चोट के निशान थे।
दोनों दोस्तों को हिरासत में लेकर की पूछताछ
सूचना पर पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुंची। जांच के बाद टीम ने संदेह के आधार पर राहुल के दोनों दोस्त इंद्र और नारायण के घर दबिश दी और दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपी इंद्र कुमार गबेल ने बताया कि राहुल ने उसके पॉकेट से 1800 रुपए निकाल लिए थे। इसके साथ ही उसके मोबाइल का पासवर्ड भी बदल दिया था। वहीं नारायण यादव को शक था कि उसके भाई का मोबाइल भी इसी ने चुराया है।
अपराध करने की बात स्वीकार करने और सबूत मिलने के बाद, आरोपियों को 29 मार्च गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।