भोपाल का ‘विद्यानगर’ कांड: सामूहिक दुष्कर्म में दो और दरिंदे दबोचे गए, सहेली ने ही बुना था साजिश का जाल

 भोपाल। बागसेवनिया स्थित विद्यानगर में छिंदवाड़ा की नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म करने वाले दो अन्य आरोपितों को भी हिरासत में लिया है, जिससे साफ हो चुका है कि नाबालिग से दो नहीं, बल्कि चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। सोमवार को पुलिस ने दोनों आरोपितों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि इनमें से एक आरोपित रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़ा है। इस मामले में पुलिस दो महिलाओं समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

नौकरी और एडमिशन का झांसा देकर भोपाल बुलाया

पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय पीड़िता छिंदवाड़ा जिले की रहने वाली है। भोपाल के विद्यानगर में रहते हुए प्राइवेट नौकरी करने वाली उसकी बहन की सहेली मोनिका ने उसे कॉलेज में एडमिशन दिलवाने और नौकरी का झांसा देकर भोपाल बुलाया था। 18 मार्च को पीड़िता भोपाल पहुंची, जहां मोनिका उसे अपने विद्यानगर स्थित फ्लैट पर ले गई और सहेली रेणुका से मिलवाया। मोनिका ने तब फोन कर ऐशबाग क्षेत्र में रहने वाले अपने दोस्त निखिल सिंह और अतुल मेड़ेकर को भी वहां बुला लिया और सभी ने मिलकर पीड़िता को जबरन शराब पिलाई, जिससे वह बदहवास हो गई।

बदहवासी की हालत में सामूहिक दुष्कर्म

इसके बाद रात करीब नौ बजे आरोपित चार युवकों ने उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। बागसेवनिया पुलिस ने 27 मार्च को केस दर्ज कर आरोपित मोनिका इंदौरिया, रेणुका बुनकर, निखिल सिंह और अतुल मेड़ेकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब नए खुलासे के बाद हिरासत में लिए गए दो अन्य आरोपितों पर भी पुलिस कानूनी शिकंजा कस रही है।

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