भोपाल। राजधानी में 23 हजार उपभोक्ताओं को सिलिंडरों की आपूर्ति की जा चुकी है, लेकिन कतार कम नहीं हो रही है। अब भी 27 हजार उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिले हैं। ऐसे में सिलिंडरों की कालाबाजारी से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
इसी बीच कोलार इलाके में 25 से अधिक सिलिंडरों से भरा वाहन लावारिस मिलने से यह स्पष्ट हो गया है कि घरेलू सिलिंडर उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाने के बजाए होटल, रेस्टोरेंट, नाश्ता घर व ठेलों वालों को दिए जा रहे हैं। यही कारण है कि उपभोक्ताओं को बुकिंग करने के बाद भी तीन से चार दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं
आश्वासन के बाद भी नहीं मिले सिलिंडर
- जानकारी के अनुसार घरेलू सिलिंडर के साढ़े 5 लाख और व्यावसायिक सिलिंडर के 40 हजार उपभोक्ताओं को करीब 40 गैस एंजेंसियों से आपूर्ति की जाती है। घरेलू गैस सिलिंडर के उपभोक्ताओं ने पिछले दिनों बुकिंग की थी, लेकिन आपूर्ति नहीं होने से करीब 50 हजार उपभोक्ता कतार में थे।
- इसके चलते उपभोक्ता एजेंसी व गोदाम पर लाइन में लगकर सिलिंडर लेकर इंतजार कर रहे थे, तब ही अधिकारियों ने उन्हें समय पर सिलिंडर उपलब्ध करवाने का आवश्वासन दिया था, जिसके बाद अब तक करीब 23 हजार सिलिंडर की आपूर्ति की जा चुकी है, लेकिन 27 हजार उपभोक्ताओं को अब भी सिलिंडर का इंतजार है। इस दौरान हर दिन करीब 15 हजार से अधिक बुकिंग उपभोक्ताओं के द्वारा की जा रही है और करीब 11 से 12 हजार सिलिंडरों की आपूर्ति एजेंसी द्वारा की जा रही है।
अधिकारी लगा रहे वाहन चालक का पता
- कोलार इलाके में डीमार्ट के पास इंडेन कंपनी के सिलिंडरों से भरा लावारिस वाहन खाद्य विभाग की टीम को मिला है। इसमें कोई चालक नहीं होने से अधिकारियों को संदेह है कि सिलिंडर कालाबाजारी के लिए ले जाए जा रहे थे। ऐसे में अधिकारियों ने वाहन चालक का पता लगाना शुरू कर दिया है, देर रात तक कोई सुराग नहीं लग सका था।
- बता दें कि जिले में हर दिन 400 से 500 मीट्रिक टन गैस की खपत होती है, लेकिन अब 2 हजार 491 मीट्र्रिक टन गैस डिपो में उपलब्ध है।
कारोबारियों में व्यवसाय ठप होने का डर
- मध्यप्रदेश में व्यवसायिक सिलिंडरों के नहीं मिलने से टेंट कारोबारियों में भय का माहौल है कि उनका कारोबार ठप न हो जाए। इससे उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह उन्हें सिलिंडर उपलब्ध करवाए। फेडरेशन आफ एमपी टेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रिंकू भटेजा ने बताया कि आगामी 15 अप्रैल से विवाह मुहूर्त प्रारंभ हो रहे हैं।
- प्रदेश में लगभग 25 से 30 हजार शादियां रोजाना होंगी, जिसमें लगभग ढाई लाख व्यावसायिक सिलिंडर की आवश्यकता होगी, लेकिन एलपीजी सिलिंडर बिल्कुल भी उपलब्ध न होने के कारण कैटरर्स असमंजस्य में हैं कि क्या करें? कैटरिंग का आर्डर लें या न लें? और जिन कैटर्स ने आर्डर ले लिए हैं वह बिना सिलिंडर के कैसे शादी, पार्टी, में कैटरिंग कर पाएंगे।
- फेडरेशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह खनूजा ने केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार से मांग की है बेटी की शादी में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध कराया जाए, जिससे भोजन व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो।
कालाबाजारी रोकने के लिए टीम कर रही कार्रवाई
सिलिंडरों की बुकिंग दिन के अनुसार ही उपभोक्ता कर सकते हैं, उसी के आधार पर आपूर्ति की जा रही है। अभी तक 27 हजार सिलिंडरों की आपूर्ति हो चुकी है, शेष 23 हजार की जल्द करवा दी जाएगी। वहीं कालाबाजारी रोकने टीमों के द्वारा निरीक्षण व कार्रवाई की जा रही है।
चंद्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति नियंत्रक