भोपाल। राजधानी भोपाल के चर्चित ऐशबाग के 90 डिग्री रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को लेकर बना संशय आखिरकार खत्म हो गया है। पिछले 10 महीनों से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और रेलवे के बीच चल रही खींचतान पर मंगलवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में सहमति बन गई। बैठक में ब्रिज के खतरनाक मोड़ को री-डिजाइन करने पर निर्णय हुआ।
कम होगा दुर्घटना का खतरा
मोड़ के रेडियस को दो से 2.5 मीटर तक बढ़ाया जाएगा, जिससे इसकी चौड़ाई 8.5 मीटर से बढ़कर 10.5 से 11 मीटर तक हो जाएगी। सुधार के बाद इस ओवरब्रिज से भारी और मध्यम वाहन आसानी से मुड़ सकेंगे और दुर्घटना का खतरा कम होगा।
रेलवे से दो-तीन दिन में डिजाइन मिलने की उम्मीद है। इसके बाद चार-पांच दिनों में सुधार कार्य शुरू किया जाएगा। खास बात यह है कि ब्रिज का निर्माण करने वाली कंपनी ही सुधार कार्य भी करेगी।
गौरतलब है कि जून 2025 में करीब 18 करोड़ की लागत से बने इस ब्रिज के तीखे मोड़ (119 डिग्री) के कारण इसे अब तक आम जनता के लिए बंद रखा गया है। हालांकि तब से ही यह 90 डिग्री ओवरब्रिज के नाम से चर्चित हो गया है।
10 महीने का इंतजार खत्म, तकनीकी बाधाएं दूर
पिछले साल जून में करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से बना यह ब्रिज अपने अजीबोगरीब मोड़ के कारण देशभर में चर्चा और आलोचना का विषय बन गया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के सात इंजीनियरों को निलंबित किया गया। मोड़ में सुधार के लिए मैनिट समेत अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञों ने कई बार निरीक्षण किया।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जिस दिशा में मेट्रो लाइन गुजर रही है, वहां से मोड़ का रेडियस बढ़ाना संभव नहीं है। नए डिजाइन पर काम होने के बाद रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। लंबी प्रक्रिया के बाद अब जाकर सभी तकनीकी बाधाएं दूर हो सकी हैं।