भोपाल। हथियार तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह का भोपाल क्राइम ब्रांच ने राजफाश किया है। पुलिस ने बड़वानी के सिकलीगर से भोपाल के गन बाजार तक अवैध देसी पिस्टलों और कट्टों की सप्लाई करने वाले सरगना, तस्कर और खरीदार समेत कुल आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित सरगना 10 हजार रुपये में सिकलीगर से देसी पिस्टलें खरीदकर भोपाल के तस्करों को 20 हजार में बेचता था, जबकि यहां के खरीदारों को यही हथियार 25 से 30 हजार रुपये में खपाए जाते थे।
क्राइम ब्रांच ने करीब एक सप्ताह पहले एक बदमाश को अवैध पिस्टल के साथ पकड़ा था। उसकी निशानदेही के बाद पहली बार मुख्य तस्कर तक टीम पहुंची और कुल आठ आरोपितों को अब तक पकड़ लिया है। पुलिस का अगला लक्ष्य बड़वानी से चल रहे अवैध हथियारों के गिरोह का भंडाफोड़ करना है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से तीन पिस्टल, एक देशी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस और आठ मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क का संचालन खरगोन निवासी 25 वर्षीय अली खान कर रहा था।
पेशे से मैकेनिक अली सिकलीगर बड़वानी से हथियार खरीदता था। इन हथियारों को वह रायसेन, सुल्तानपुर में रहने वाले 23 वर्षीय गुफरान खान और भोपाल में पढ़ाई करने वाले छात्र तालिब खान (19) और दानिश खान उर्फ दन्नी (20) को सप्लाई करता था। इनके जरिए हथियार शहर भर के खरीदारों को बेचे जाते थे। मुख्य सरगना अली खान करीब पांच साल से हथियारों की कालाबाजारी कर रहा है। उसके खिलाफ पांच साल पहले भी आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा अधिकांश आरोपितों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस को मिले हैं।
इस तरह खुलीं हथियार तस्करी की परतें
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले क्राइम ब्रांच को जहांगीराबाद इलाके में एक युवक के अवैध पिस्टल के साथ खड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शब्बन चौराहा के पास घेराबंदी कर दानिश उर्फ दन्नी खान को पकड़ लिया। उसके कब्जे से पिस्टल और जिंदा कारतूस मिलने के बाद पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हो गया। दानिश की निशानदेही पर पुलिस ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक के बाद एक दबिश दी और पांच आरोपित मो. अमान (टीलाजमालपुरा), मो. मुस्तफा (तलैया), तालिब खान (अशोकागार्डन), अरशान खान (खानूगांव), सरफराज पठान (खानूगांव), गुफरान (सुल्तानपुर) और फिर अंत में अली खान (खरगोन) को गिरफ्तार किया।
पुराने अपराधी, नया कारोबार
चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार अधिकांश आरोपित पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। टीलाजमालपुरा निवासी मो. अमन के तीन आपराधिक रिकार्ड हैं। रेतघाट निवासी मो. मुस्तफा के आठ रिकार्ड हैं। गुफरान के पांच और अली खान के दो आपराधिक रिकार्ड पहले से दर्ज थे। मुख्य आरोपित पेशे से मैकेनिक है, जबकि अन्य आरोपित दुकान या प्रापर्टी डीलर का काम करते हैं। अब निशाने पर ‘मैन्युफैक्चरिंग यूनिट’- क्राइम ब्रांच का कहना है कि फिलहाल सप्लाई चेन की अहम कड़ियों को पकड़ लिया गया है, लेकिन असली चुनौती उन लोगों तक पहुंचने की है, जो इन हथियारों का निर्माण कर रहे हैं।
पुलिस अब सिकलीगर नेटवर्क तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है, जहां से यह पूरा कारोबार संचालित हो रहा है। सभी आरोपितों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत उनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में और बड़े खुलासे हो सकते हैं और फरार आरोपितों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।