लखनऊ: इकाना स्टेडियम में खेले गए इस सांस रोक देने वाले मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स की आरसीबी के खिलाफ जीत की कहानी किसी फिल्मी ड्रामा से कम नहीं रही। आखिरी ओवर में जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जीत के लिए 20 रनों की दरकार थी तब मैदान पर एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। ऐसे मौके पर ऋषभ पंत की कप्तानी ने अपनी टीम के लिए जीत तय कर दी।
आखिरी ओवर में ऋषभ पंत ने चल दी चाल
आखिरी ओवर डालने के लिए अनुभवी शाहबाज अहमद और युवा दिग्विजय सिंह राठी दोनों तैयार थे। कप्तान ऋषभ पंत पहले शाहबाज को गेंद थमाना चाहते थे लेकिन मिचेल मार्श के साथ मशवरे के बाद फैसला बदला गया और गेंद राठी को दी गई। इस दौरान शाहबाज काफी गुस्से में नजर आए और उन्होंने जिद करते हुए पंत से गेंद मांगी। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कप्तान पंत को बीच मैदान पर शाहबाज को डांटना पड़ा। अंत में पंत अपने फैसले पर अडिग रहे और गेंद राठी को ही थमाई।
दिग्विजय राठी का जादुई आखिरी ओवर
पंत का यह जुआ रंग लाया और राठी ने अपनी फिरकी के जाल में आरसीबी के बल्लेबाजों को ऐसा उलझाया कि वे जीत की दहलीज पार नहीं कर सके। यहां तक कि दिग्वेश ने रोमारियो शेफर्ड और क्रुणाल पंड्या जैसे खिलाड़ियों से भी इस ओवर में एक भी छक्का नहीं लगने दिया। दिग्वेश ने इस ओवर में सिर्फ 10 रन दिए और आरसीबी को यह मैच अंत में 9 रन से गंवाना पड़ा।
पंत के मास्टरस्ट्रोक ने दिलाई जीत
लखनऊ ने यह मुकाबला 9 रनों से जीत लिया। अगर पंत शाहबाज की जिद मान लेते तो शायद नतीजा कुछ और हो सकता था लेकिन युवा दिग्विजय राठी पर भरोसा दिखाना उनके लिए गेम-चेंजर साबित हुआ। राठी ने न केवल दबाव को झेला बल्कि अपनी सटीक गुगली से रोमारियो शेफर्ड जैसे खतरनाक हिटर को बांधे रखा। इस जीत के साथ लखनऊ ने प्ले-ऑफ की अपनी उम्मीदों को मजबूती से बरकरार रखा है।