नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान में फिर एक बड़ा फर्क दिखाई दिया है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच जब भारत एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित के लिए सॉल्यूशन ढूंढने में जुटा है। पाकिस्तान भविष्य पर जुआं लगा रहा है। मिडिल ईस्ट संकट ने दुनिया भर के एनर्जी मार्केट्स को हिलाकर रखा हुआ है। भारत समेत तमाम देश संभावित बड़े संकट से खुद को बचाने के लिए ईंधन की सप्लाई सुरक्षित करने की होड़ में लगे हैं। हालांकि, पाकिस्तान एक बेहद जोखिम भरे रास्ते पर चल रहा है। उसने एलएनजी (लिक्विफाइड नैचुरल गैस) की अर्जेंट खरीद से परहेज किया है। इस बात पर दांव लगाया है कि होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटें जल्द ही दूर हो जाएंगी। ऐसा होने पर कतर से सस्ती खेपें ठीक समय पर पहुंच जाएंगी।
ब्लूमबर्ग के अनुसार, मामले से परिचित व्यापारियों ने बताया कि:
- सरकारी कंपनी पाकिस्तान एलएनजी लिमिटेड ने मई में डिलीवरी के लिए जरूरी दो एलएनजी खेपों के लिए इमर्जेंसी टेंडर जारी नहीं किए।
- इसकी समय सीमा गुरुवार को समाप्त हो गई थी।
- यह फैसला इस धारणा पर आधारित है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने लगा है।
- इसके बाद कतर जल्द ही पाकिस्तान को अनुबंधित दो एलएनजी खेपें पहुंचा देगा।
स्पॉट खरीदारी से इसलिए बच रहा पाकिस्तान
इसके अलावा, एजेंसी की ओर से कंपाइल्ड शिपिंग डेटा से पता चलता है कि मार्च की शुरुआत से अब तक देश को सिर्फ एक एलएनजी खेप मिली है। यह पिछले साल की तुलना में भारी गिरावट है। तब पाकिस्तान औसतन हर महीने लगभग नौ खेपें आयात करता था। लॉन्ग टर्म डील के तहत, कतर की ओर से सप्लाई की गई एलएनजी की कीमत स्पॉट मार्केट से खरीदी गई खेपों की कीमत से लगभग आधी होती है।
एनर्जी सप्लाई में क्यों आई है रुकावट?
- एनर्जी की स्थिति होर्मुज स्ट्रेट में जारी अस्थिरता के बीच सामने आ रही है।
- वहां फरवरी के अंत में लड़ाई शुरू होने के बाद से भारी व्यवधान आया है।
- यह पतला जलमार्ग दुनिया का प्रमुख एनर्जी कॉरिडोर है।
- इस रास्ते से दुनिया की लगभग 25% एलएनजी की आवाजाही होती है।
- इसके साथ ही बड़ी मात्रा में तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का भी आवागमन होता है।
वैसे तो अप्रैल की शुरुआत से ही संघर्ष विराम लागू है। लेकिन, अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से हुई झड़पों ने इस बात पर संदेह पैदा कर दिया है कि शांति बनी रहेगी या नहीं।
दो साल बाद की थी स्पॉट खरीदारी
ब्लूमबर्ग के अनुसार, पिछले महीने के अंत में क्षेत्रीय संघर्ष के कारण अनुबंधित सप्लाई बाधित होने के बाद पाकिस्तान को दो साल से अधिक समय बाद एलएनजी के लिए फिर से स्पॉट मार्केट का रुख करना पड़ा था।
लेटेस्ट टेंडर में 12-14 मई और 24-26 मई को डिलीवरी की मांग की गई थी। तनाव के बावजूद कुछ खेपें अभी भी होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने में सफल रही हैं। इनमें पिछले सप्ताह एक डीजल टैंकर भी शामिल था।
ऊर्जा संबंधी चिंताओं के साथ कूटनीतिक संपर्क भी जारी रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 7 मई को कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से फो पर बात की। इस दौरान उन्होंने संघर्ष पर चर्चा की। शांति प्रयासों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।