इजरायल को मान्‍यता देने पर अड़े ट्रंप तो घबराए शहबाज और मुनीर, दौड़े-दौड़े जा रहे सऊदी अरब, MBS भी फंसे

इस्‍लामाबाद/रियाद: अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने इजरायल को मान्‍यता देने के लिए मुस्लिम देशों पर दबाव को बढ़ा दिया है। ट्रंप ने पाकिस्‍तान, सऊदी अरब और अन्‍य खाड़ी के देशों से कहा है कि वे अब्राहम अकॉर्ड पर हस्‍ताक्षर करें ताकि ईरान के साथ डील का रास्‍ता साफ हो सके। अमेरिकी राष्‍ट्रपति के इस बयान के पाकिस्‍तान बुरी तरह से फंस गया है जो अब तक ट्रंप की खुशामद में लगा हुआ था। पाकिस्‍तान के आतंकी गुटों ने इजरायल को मान्‍यता देने पर शहबाज और असीम मुनीर को चेतावनी दी है। इस महासंकट से निकलने के लिए अब शहबाज और मुनीर दोनों ही अचानक से सऊदी अरब जा रहे हैं।

सीएनएन न्‍यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान का नेतृत्‍व इजरायल को मान्‍यता देने को लेकर भारी दबाव में है। पाकिस्‍तानी सेना और सरकार में अब यह बहस तेज हो गई है कि अगर सऊदी अरब इजरायल के साथ रिश्‍ते सामान्‍य करता है तो इस्‍लामाबाद का क्‍या रुख होगा। पाकिस्‍तान की सरकार और कट्टरपंथी ताकतें वर्षों से इजरायल को लेकर नफरत को बढ़ावा देती रही हैं। अब ट्रंप के दबाव के बाद उनके लिए मुश्किल पैदा हो गई है। सूत्रों का कहना है कि शहबाज शरीफ और असीम मुनीर दोनों ही जल्‍द ही सऊदी अरब जा रहे हैं।

इजरायल पर सऊदी का साथ चाहता है पाक‍िस्‍तान

मुनीर और शहबाज दोनों ही सऊदी नेतृत्‍व के साथ अब्राहम अकॉर्ड को लेकर व्‍यापक बातचीत करेगा। पाकिस्‍तानी की करीबी नजर सऊदी अरब के अगले कदम पर है। विश्‍लेषकों का कहना है कि बिना सऊदी अरब के समर्थन के पाकिस्‍तान के लिए इजरायल को मान्‍यता देना बहुत‍ ही कठिन होगा। एक सुरक्षा सूत्र ने कहा, ‘सऊदी अरब पहले इजरायल को मान्‍यता देगा, फिर पाकिस्‍तान।’ पाकिस्‍तान चाहता है कि इजरायल को मान्‍यता देने से पहले इसके शुरुआती राजनयिक और कूटनीतिक दुष्‍परिणामों से निपट लिया जाए।

अब्राहम अकॉर्ड पर सबसे पहले साल 2020 में हस्‍ताक्षर किया गया था और उस समय भी ट्रंप ही अमेरिका के राष्‍ट्रपति थे। इस दौरान यूएई, बहरीन जैसे कई मुस्लिम देशों ने इजरायल को मान्‍यता दी थी। पाकिस्‍तान ने ऐतिहासिक रूप से इजरायल को मान्‍यता देने से परहेज किया है लेकिन अब अमेरिका का भारी दबाव पड़ रहा है। वहीं पाकिस्‍तान के अंदर इसको लेकर भारी विरोध है। हाल ही में बकरीद की नमाज के दौरान कई कट्टरपंथी मौलानाओं ने पूरे देश में अब्राहम अकॉर्ड को लेकर कड़ी चेतावनी दी है और फतवा भी जारी किया है।

पाकिस्‍तानी मौलानाओं ने शहबाज सरकार को दी धमकी

पाकिस्‍तानी के कट्टरपंथी मौलानाओं ने सरकार और सेना पर दबाव को बढ़ा दिया है। उन्‍होंने धमकी दी है कि अगर इजरायल को मान्‍यता दी गई तो पाकिस्‍तान में जोरदार व‍िरोध प्रदर्शन होंगे। इससे पहले पाकिस्‍तान के ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने को लेकर भी विवाद हुआ था। पाकिस्‍तान अब चाहता है कि इजरायल को मान्‍यता देने के बाद होने वाले पूरे विवाद को सऊदी अरब पर डाल द‍िया जाए।

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