सिंगापुर: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत को दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता का एक अहम स्तंभ बताया। शनिवार को सिंगापुर में शांगरी-ला डॉयलॉग में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक ‘शक्तिशाली’ देश है और वह अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है, ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के साझा लक्ष्य को पूरा किया जा सके। हेगसेथ ने कहा कि भारत के पास विशाल औद्योगिक क्षमता एवं साजो-सामान है, जो उसे ‘उच्च-स्तरीय सैन्य अभियानों’ को लंबे समय तक संचालित करने और बनाए रखने में सक्षम बनाती है।
हिंद महासागर में भारत की भूमिका की तारीफ
उन्होंने कहा, "भारत शक्तिशाली है और अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत विशेष रूप से हिंद महासागर में शक्ति संतुलन बनाए रख रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत "उच्च स्तरीय सैन्य अभियानों को बनाए रखने के लिए विशाल औद्योगिक क्षमता और साजो-सामान का निर्माण भी कर रहा है।"
भारत-पाकिस्तान तनाव पर बोले हेगसेथ
इस दौरान उन्होंने भारत और पाकिस्तान को लेकर भी बात की। एक सवाल के जवाब में हेगसेथ ने कहा कि भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे से आने वाले खतरे का सामना करेंगे। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ खतरों को अलग नजरिए से देखते हैं, जैसे कि जब कोई देश अंतरमहाद्वीपीय मिसाइलें (ICBM) विकसित करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इनमें से किसी पर भी उंगली नहीं उठाएगा और न ही उन्हें खतरा करार देगा।इस दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ अमेरिका की ‘सच्ची दोस्ती’ है। उन्होंने ईरान के साथ बातचीत में पाकिस्तान की मध्यस्थता का भी जिक्र किया और कहा कि यह बहुत अच्छी जा रही है।
एशियाई देशों से रक्षा खर्च बढ़ाने की अपील
उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया, दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन ‘आसियान’ और ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा संबंधी संबंधों का भी आकलन किया। हेगसेथ ने क्षेत्र में अमेरिका की रक्षा रणनीति के कई पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एशिया-प्रशांत दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है और क्षेत्र की सुरक्षा काफी हद तक अमेरिकी सैन्य शक्ति पर निर्भर करती है। उन्होंने देशों से अपने स्वयं के रक्षा तंत्र में गंभीरता से निवेश करने का आह्वान किया।