बलरामपुर , रघुनाथनगर पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। दोनों आरोपी अप्रैल महीने में पुलिस कार्रवाई के दौरान वाहन छोड़कर फरार हो गए थे।
पुलिस के अनुसार, चौकी बलांगी में अपराध क्रमांक 37/26 के तहत धारा 109 एवं 124(6) बीएनएस तथा थाना रघुनाथनगर में अपराध क्रमांक 38/26 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।
बैरियर तोड़कर भागे थे तस्कर
घटना 22 अप्रैल की है। उस दिन बोलेरो वाहन क्रमांक CG-15-A-6984 में अवैध शराब लेकर मध्यप्रदेश के बैढ़न से रघुनाथनगर की ओर आ रहे चालक को तुगवा अंतरराज्यीय बैरियर पर रोकने का प्रयास किया गया था।
आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय बैरियर को टक्कर मार दी और ड्यूटी पर तैनात जवानों पर वाहन चढ़ाने की कोशिश करते हुए फरार हो गया।
सूचना मिलने पर रघुनाथनगर थाना और बलांगी चौकी पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन आरोपी एक बंद पेट्रोल पंप के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई बोलेरो और शराब छोड़कर मौके से भाग निकला।
साइबर सेल की मदद से हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक वैभव वेंकटेश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी के निर्देश पर थाना पुलिस और साइबर सेल लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी।
तकनीकी साक्ष्यों और साइबर जांच के आधार पर मुख्य आरोपी देवनंदन उर्फ रघुनंदन कुशवाहा (25), निवासी हरदी बड़ा, थाना रघुनाथनगर को उसके ससुराल ग्राम डंडई, जिला गढ़वा (झारखंड) से हिरासत में लिया गया।
शराब भट्टी मैनेजर भी गिरफ्तार
पूछताछ में देवनंदन ने खुलासा किया कि उसने बोलेरो खरीदकर शराब तस्करी के लिए इस्तेमाल किया था। उसने बैढ़न स्थित कचनी शराब भट्टी के मैनेजर मृत्युंजय जायसवाल (29), निवासी कोटल पोखर, जिला साहिबगंज (झारखंड) से 94 हजार रुपए में शराब खरीदी थी।
आरोपी ने बताया कि शराब की खेप सूरजपुर जिले के रेवटी क्षेत्र में पहुंचाई जानी थी। पुलिस ने खुलासे के आधार पर दूसरे आरोपी मृत्युंजय जायसवाल को भी गिरफ्तार कर लिया।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
दोनों आरोपियों को 6 जून को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर रामानुजगंज जेल भेज दिया गया।
टीम की रही अहम भूमिका
पूरे मामले की जांच और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी रघुनाथनगर उपनिरीक्षक धीरेंद्र तिवारी, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक हिम्मत सिंह शेखावत तथा थाना एवं साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।