“खजाने की खोज” प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया सम्मानित।
इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026 के अवसर पर विविध रचनात्मक, शैक्षणिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ था। जिसमें भोपाल के नागरिकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा कला एवं संस्कृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

प्रथम पुरस्कार श्री मयंक मिश्रा एवं संतोष कुमार
अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में प्रमुख आकर्षण “खजाने की खोज (Treasure Hunt)” प्रतियोगिता रही। यह प्रतियोगिता संग्रहालय परिसर, भारत भवन, राष्ट्रीय अभिलेखागार तथा भोपाल के अन्य महत्वपूर्ण संग्रहालयों एवं विरासत स्थलों की जानकारी हेतु आयोजित की गई थी ।

द्वितीय पुरस्कार श्री उदय कुमार एवं सुश्री कु. रवीना कुमारी
प्रतियोगिता में दो-दो प्रतिभागियों की दुपहिया वाहन चालक टीमों को विभिन्न संकेत (क्लू) एवं प्रश्न प्रदान किए गए, जिनके आधार पर उन्हें निर्धारित सांस्कृतिक स्थलों तक पहुँचकर उत्तर खोजने थे।
इस रोमांचक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधि में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को मानव संग्रहालय एवं अन्य सांस्कृतिक स्थलों में प्रदर्शित विविध सांस्कृतिक धरोहरों, जनजातीय जीवन, लोककलाओं, परंपराओं तथा ऐतिहासिक विरासत संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ रोचक और सहभागितापूर्ण तरीके से प्राप्त हुईं। प्रतिभागियों ने उत्साह, जिज्ञासा ,टीम भावना और यातायात नियमों के पालन का परिचय देते हुए सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा किया था।

तृतीय पुरस्कार श्री राजेंद्र प्रसाद बिन्जवे एवं सुश्री/ कु. सोनल रजक
दिनांक 10 जून को देर शाम मानव संग्रहालय के वीथि संकुल अंतरंग सभागार में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में खजाने की खोज प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को आकर्षक नगद पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र , संग्रहालय के निदेशक डॉ अमिताभ पांडे, मुख्य अतिथि श्री चितरंजन त्रिपाठी , निदेशक राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली, विशिष्ट अतिथि श्री संजय श्रीवास्तव , (निदेशक म प्र नाट्य विद्यालय) द्वारा प्रदान कर सम्मानित किया गया।
संग्रहालय दर्शक श्रेणी में प्रथम पुरस्कार श्री मयंक मिश्रा एवं श्री संतोष कुमार को प्राप्त हुआ।
द्वितीय पुरस्कार श्री उदय कुमार एवं सुश्री रवीना कुमारी को तथा तृतीय पुरस्कार श्री राजेंद्र प्रसाद बिंजवे एवं सुश्री सोनल रजक को प्रदान किया गया।
सांत्वना पुरस्कार श्री भास्कर परमार एवं सुश्री नेहा परमार तथा श्री देवेन्द्र सिंह पाल एवं सुश्री रिंकी सिंह को प्रदान किए गए।
संग्रहालय स्टाफ श्रेणी में प्रथम पुरस्कार श्री राजेश गौतम एवं श्री उमेश कुमार को प्राप्त हुआ। द्वितीय पुरस्कार श्री ललित बागुल एवं श्री धीर सिंह को तथा तृतीय पुरस्कार श्री शरद मेड़ा एवं श्री जीतेन्द्र प्रजापति को प्रदान किया गया। सांत्वना पुरस्कार श्री मनोज रजक एवं श्री कमलेश तथा श्री सुनील अलपुरिया एवं श्री अभिषेक कुशवाह को प्रदान किए गए।

सांत्वना पुरस्कार 1
श्री भास्कर परमार एवं सुश्री/ कु. नेहा परमार
संग्रहालय के निदेशक प्रो डा अमिताभ पांडे ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य संग्रहालयों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, युवाओं एवं बच्चों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना तथा इतिहास, संस्कृति एवं विज्ञान के प्रति उनकी रुचि विकसित करना था।
संग्रहालय के जन संपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि, कार्यक्रम के दौरान ख़ज़ाने की खोज प्रतियोगिता के प्रतिभागियों ने मानव संग्रहालय की विविध दीर्घाओं, प्रदर्शों एवं श्यामला हिल्स भोपाल स्थित अन्य विरासत स्थलों का भ्रमण करते हुए भारतीय संस्कृति की बहुरंगी परंपराओं और लोकजीवन को निकटता से समझने का अवसर प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए इसे मनोरंजन, शिक्षा और सांस्कृतिक जागरूकता का उत्कृष्ट माध्यम बताया।

सांत्वना पुरस्कार – दो
श्री देवेंद्र सिंह पाल एवं सुश्री/ कु. रिंकी सिंह
इस कार्यक्रम का सफल संचालन डा. रविन्द्र कुमार गुप्ता एवं डॉ.मो.रेहान द्वारा किया गया। जिसमें उन्होंने सभी प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों तथा आयोजन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की जनसहभागिता आधारित गतिविधियों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।