भोपाल। मध्य प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) द्वारा नियमों में दी गई राहत के बाद, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली है। इस कड़ी में सिवनी, छिंदवाड़ा और मंदसौर के मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण कार्य पूरा हो चुका है और इसी शैक्षणिक सत्र (2026-27) से इन तीनों कॉलेजों में एमबीबीएस की 50-50 अतिरिक्त सीटें बढ़ने की पूरी संभावना है।
एनएमसी के नियमों में मिली बड़ी राहत
एनएमसी ने इस आगामी सत्र के लिए पहले से चली आ रही 150 सीटों की अधिकतम सीमा को स्थगित कर दिया है, जिससे कॉलेजों को अपनी क्षमता के अनुसार अधिक सीटों के लिए आवेदन करने का सुनहरा मौका मिला है।
हालांकि, इसके लिए कॉलेजों को बढ़ी हुई सीटों के अनुपात में पर्याप्त फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर, बेड क्षमता, आधुनिक उपकरण और अस्पताल में मरीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। विभाग ने राज्य के अन्य अधिकांश मेडिकल कॉलेजों से भी इन बुनियादी सुविधाओं का पूरा ब्यौरा मांगा है।
कुल 1773 सीटों की बढ़ोतरी का प्रस्ताव
राज्य सरकार ने प्रदेश स्तर पर कुल मिलाकर एमबीबीएस की 700 और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) की 1073 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव एनएमसी को भेजा है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही राज्य में सरकारी एमबीबीएस सीटें 3025 से बढ़कर 3725 हो जाएंगी।इसी तरह, पीजी की सरकारी सीटें भी 1489 से बढ़कर 2562 हो जाएंगी (निजी क्षेत्र सहित कुल 3421 सीटें)। इस निर्णय से डॉक्टर बनने का सपना देख रहे मध्य प्रदेश के हजारों युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी।