इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि अमेरिका-ईरान की शांति समझौते पर सहमति बन गई है। पाकिस्तान अब मध्यस्थ के रूप में आगे के कदमों पर काम कर रहा है। ऐसे में समझौते पर चल रही कयासबाजी पर ध्यान नहीं देना चाहिए क्योंकि कुछ लोग डील रोकना चाहते हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ है। पाकिस्तानी नेताओं और सैन्य अधिकारियों ने लगातार ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों का आदान-प्रदान किया है। ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल अप्रैल में इस्लामाबाद में बातचीत भी कर चुके हैं।
शहबाज शरीफ ने शुक्रवार रात को एक्स पर एक पोस्ट में कहा है कि पाकिस्तान की ओर से शांति समझौते के लिए जोरदार मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं। साथ ही हम उन लोगों की ओर से चलाए जा रहे गलत जानकारी फैलाने वाले अभियान से भी पूरी तरह वाकिफ हैं, जो इस शांति समझौते को नाकाम करना चाहते हैं।
समझौते का मसौदा तैयार: शरीफ
शरीफ ने कहा, ‘डील को लेकर फैलाई जा रही झूठीं बातों को दरकिनार करते हुए हम पुष्टि कर सकते हैं कि शांति समझौते का अंतिम और सर्वसम्मत मसौदा तैयार है। पाकिस्तान अब अगले कदमों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है। शांति कभी भी इतनी करीब नहीं रही, जितनी अब है।’
ईरान ने भी दिए सकारात्मक संदेश
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ डील होने की संभावना जताई है। उन्होंने माना है कि दोनों देश समझौते के बेहद करीब हैं और जल्दी ही ज्यादा जानकारी दी जाएगी। अब्बास अराघची ने कहा है कि इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग इतना करीब पहले कभी नहीं था, जितना अब है।अराघची ने इस बात पर जोर दिया है कि जब तक समझौते पर सभी चीजें यह फाइनल नहीं हो जाती हैं, तब तक मीडिया को अंदाजा लगाने से बचना चाहिए। इसकी डिटेल सही समय पर लोगों के साथ शेयर की जाएगी। अब्बास अराघची ईरान के विदेश मंत्री और अमेरिका से समझौते के लिए प्रमुख वार्ताकार हैं।
ईरान-अमेरिका तनाव
अमेरिका-इजरायल गठबंधन ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए थे। करीब 6 हफ्ते तक लड़ाई के बाद 8 अप्रैल को सीजफायर हुआ और समझौते की कोशिशें शुरू हुई। हालिया दिनों में होर्मुज में तनाव बढ़ने से एक बार फिर लड़ाई शुरू होती दिख रही थी लेकिन गुरुवार को अचानक ट्रंप ने ऐलान कर दिया कि अमेरिका और ईरान में समझौता हो गया है।