अटलांटा: खेल कैसे एक खिलाड़ी को रातों-रात स्टार बना देता है इसका उदाहरण फीफा वर्ल्ड कप 2026 में देखने को मिला। केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा ने स्पेन को एक भी गोल करने नहीं दिया। 40 साल की उम्र में भी जिस मुस्तैदी से उन्होंने विपक्षी टीम की नाक में दम किया सभी को अपना दिवाना बना दिया। नतीजनत वोजिन्हा ने कुछ ही घंटो में लाखों फॉलोअर्स अर्जित कर लिए। यह उनके करियर के सबसे खास पलों में से एक बन गया है।
वोजिन्हा के साथ जुड़े लाखों फॉलोअर्स
केप वर्डे बनाम स्पेन मुकाबले के बाद वोजिन्हा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में 6000 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। मैच शुरू होने से पहले उनको 50 हजार यूजर्स ने फॉलो किया था। अब यह संख्या बढ़कर 4 मिलियन पार कर चुकी है। 40 साल की उम्र में वोजिन्हा के इस खिलाड़ी की दुनिया कायल हो गई है। स्पेन जैसी खतरनाक टीम के खिलाफ उन्होंने एक भी गोल नहीं होने दिया।
वोजिन्हा के नाम जुड़ा खास रिकॉर्ड
फीफा वर्ल्ड कप के डेब्यू पर क्लीन शीट के साथ जाने वाले वोजिन्हा सबसे उम्रदराज गोलकीपर बन गए हैं। 40 साल की उम्र में वोजिन्हा वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी हैं। उनसे ज्यादा उम्र के सिर्फ मिस्र के पूर्व गोलकीपर एस्साम अल-हदारी थे। जो 2018 के टूर्नामेंट में खेलने के समय 45 साल के थे। वोजिन्हा ने मैच के बाद भावुक बयान देते हुए कहा कि, ‘मैच के बाद मैं रो पड़ा क्योंकि मैं बचपन में अपने दादा-दादी के साथ पला-बढ़ा था और वे वहां मौजूद नहीं हो सके।’
स्पेन के खिलाफ बचाए 7 गोल
ग्रुप एच के इस मुकाबले में स्पेन का दबदबा पूरे समय बना रहा लेकिन फिर भी गोल नहीं कर सके। पहले हाफ के अंत में फेरान टोरेस ने नजदीकी शॉट से क्रॉसबार पर गेंद मारी। जिसके बाद वोजिन्हा ने शानदार बचाव करते हुए मिकेल ओयारजाबल के हेडर को रिबाउंड पर रोक दिया। ब्रेक के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा।
टोरेस को एक बार फिर गोल करने से रोका गया, जबकि आयमेरिक लापोर्टे भी अनुभवी गोलकीपर को भेदने में नाकाम रहे। स्पेन हर हाल में जीत दर्ज करना चाहता था। लामिन यामल के मैदान में आने से भी परिणाम नहीं बदला। स्पेन के सभी खिलाड़ी वर्ल्ड क्लास है इसके बावजूद वह 40 साल के वोजिन्हा से पार नहीं पा सके और मुकाबाला ड्रॉ के रूप में खत्म हो गया।