न्यूयॉर्क: फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सीट दिए जाने का जोरदार समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा को भेजे एक पत्र में फ्रांस ने सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार के लिए अपना समर्थन दोहराया। संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि सुरक्षा परिषद में बड़े सुधार के लिए फ्रांस का संकल्प ऐतिहासिक स्पष्ट और अटूट है। उन्होंने भारत के साथ ही जर्मनी, ब्राजील और जापान को भी स्थायी सीट दिए जाने की मांग की।
सुरक्षा परिषद में विस्तार की मांग को प्रमुखता को रखते हुए फ्रांसीसी प्रतिनिधि जेरोम बोनाफॉन्ट ने अफ्रीका महाद्वीप के लिए दो अलग सीटों की मांग की। इस सप्ताह की शुरुआत में भेजे गए पत्र में उन्होंने कहा, "हम अफ्रीका के लिए दो स्थायी सीटें बनाने का समर्थन जारी रखते हैं, ताकि उस महाद्वीप के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को दूर करने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।"
सुरक्षा परिषद की सीटें 25 करने की मांग
उन्होंने आगे कहा, "हम व्यापक सुधार के तहत जर्मनी, ब्राजील, भारत और जापान की स्थायी सीट पाने की कोशिशों के लिए भी अपना समर्थन दोहराते हैं।" इन चारों देशों को G4 के रूप में जाना जाता है, जो सुरक्षा परिषद में सुधार की वकालत करते हैं। फ्रांस ने सुरक्षा परिषद की सीटों की संख्या बढ़ाकर 25 तक करने की मांग की, जिससे प्रतिनिधित्व और प्रभावशीलता के बीच संतुलन बना रहे। वर्तमान में सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य हैं। इनमें 5 स्थायी सदस्य- फ्रांस, अमेरिका, चीन, रूस और ब्रिटेन- हैं, जबकि 10 सदस्य रोटेशन पर दो-दो साल के लिए चुने जाते हैं।
स्लोवाकिया का भी भारत को समर्थन
इसी सप्ताह की शुरुआत में यूरोपीय देश स्लोवाकिया ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया था। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने भारतीय पीएम मोदी के दौरे पर इसकी घोषणा की थी। फिको ने कहा था कि भारत स्थायी सीट का हकदार है। आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि स्लोवाकिया सरकार संयुक्त राष्ट्र में सुधार का समर्थन करती है और हमारा मजबूती से मानना है कि भारत जैसे देशों संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होना चाहिए।