इस्लामाबाद: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान से हुए ड्रोन हमले का दोष भारत पर मढ़ दिया है। बीते हफ्ते अफगान तालिबान की सेना ने पाकिस्तान के दो प्रांतों में आईएसआईएस के ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया था। तालिबान के सफल ड्रोन हमलों ने पाकिस्तानी सेना और सरकार को चौंका दिया है। ऐसे में पाकिस्तानी कह रहे हैं कि भारत ने अफगानिस्तान में दवाई के डिब्बों में रखकर ड्रोन भेजे और फिर इनका इस्तेमाल उनके खिलाफ किया गया।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से पत्रकार अबसार आलम ने एक कार्यक्रम में सवाल किया कि भारत के मेडिसिन की आड़ में अफगानिस्तान को ड्रोन अफगानिस्तान भेजने की बात कही जा रही है। आपको इसमें इतनी सच्चाई लगती है। इस पर आसिफ ने कहा कि इसमें सौ फीसदी सच्चाई हो सकती है। मुझे इसमें शक नहीं है। मैं तो कहता हूं कि वो छुपाकर नहीं खुलेआम अफगानिस्तान में हथियार भेज रहे होंगे।
क्या है मेडिसिन और ड्रोन का कनेक्शन
पाकिस्तानियों ने अफगानिस्तान के ड्रोन हमले को भारत से जोड़ने के पीछे एक कहानी बनाई है। दरअसल बीते हफ्ते भारत ने बीते हफ्ते 5 टन दवाएं अफगानिस्तान भेजी है। इसमें कोई नई बात नहीं हैं क्योंकि भारत जरूरी दवाएं मानवीय सहायता के तहत अफगानिस्तान भेजता रहा है। इसी कड़ी में बीते हफ्ते भी एक बड़ी खेप अफगानिस्तान भेजी गई।
भारत के अफगानिस्तान को दवा भेजने के एक दिन बाद ही बीते हफ्ते गुरुवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में ISIS के आतंकी कैंपों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले हो गए। यहीं से पाकिस्तानियों ने दवा भेजने का कनेक्शन ड्रोन अटैक से जोड़ दिया। पाकिस्तानियों का तर्क है उनकी जमीन पर हमले के लिए तालिबान को दवाओं के साथ ड्रोन भारत ने भेजे थे।
पाकिस्तान के भारत पर आरोप
पाकिस्तान की एयरफोर्स ने बीते हफ्तों में लगातार अफगानिस्तान में हमले किए हैं। पाकिस्तानी आर्मी ने काबुल और कंधार समेत कई शहरों में बमबारी की है। इस पर अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज अफगान तालिबान ने मजबूती से पाक आर्मी को जवाब दिया है। बॉर्डर पर गोलीबारी के बाद तालिबान ने पाकिस्तान पर ड्रोन से हमले किए हैं। इस पर पाकिस्तान ने अपनी गलती मानने की बजाय भारत पर आरोप मढ़ दिया है।
पाकिस्तान के दो प्रांतों खैबर पख्तूनख्वां और बलूचिस्तान में कई सशस्त्र विद्रोही गुट सक्रिय हैं। दोनो प्रांतों में पाकिस्तानी सेना और सरकार के अफसरों पर हमले होते रहे हैं। इन गुटों का कहना है कि उनके प्रांत के संसाधन लूटे जा रहे हैं और उनके लोगों पर ज्यादती हो रही है। ऐसे में वह पाकिस्तानी सेना के खिलाफ लड़ रहे हैं। पाकिस्तानी सरकार इन गुटों को भी भारत से मदद मिलने का आरोप लगाकर अपना पल्ला झाड़ लेती है।