रांची: झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गुरुवार शाम सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों-सह-उपायुक्तों को भेजे गए एक पत्र में कहा कि एसआईआर अभियान के मद्देनजर कई जिलों से विभिन्न माध्यमों के जरिए फर्जी प्रमाणपत्र तैयार किए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के प्रावधानों के तहत तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
एसआईआर के फर्जी या अनधिकृत दस्तावेज जमा न करे
उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि कोई भी नागरिक एसआईआर के उद्देश्य से फर्जी या अनधिकृत दस्तावेज प्राप्त न करे। झारखंड में एसआईआर का कार्य 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाएंगे।
मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन में 5 श्रेणियों के मतदाता शामिल नहीं
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन में 5 श्रेणियों एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट और रिफ्यूज टू साइन कैटेगरी के मतदाताओं को शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिफ्यूज टू साइन कैटेगरी के अंतर्गत मतदाताओं की दो उप-श्रेणियां आती हैं। पहली – 2026 की मतदाता सूची में कुछ ऐसे मौजूदा मतदाता हैं जो दूसरे देश में चले गए हैं और वहां की नागरिकता प्राप्त कर ली है, लेकिन उन्होंने भारत की मतदाता सूची से अपना नाम नहीं हटवाया है।
विदेशी नागरिकों का पंजीकरण रद्द होगा
झारखण्ड में यदि विदेशी नागरिक जो कानूनी अथवा अवैध तरीकों से रह रहे हैं और यदि पिछले एसएसआर या मतदाता सूची के कंटिन्यूअस अपडेशन के दौरान प्रपत्र-6 में झूठी घोषणा देकर अवैध रूप से मतदाताओं के रूप में अपना पंजीकरण कराया है तो ऐसे व्यक्ति भारत के संविधान के अधिनियम 1950 एवं भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर कि विदेशी नागरिक भारत में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के योग्य नहीं हैं।