भोपाल में पहली विशेष कॉलोनी जनसुनवाई में फूटा जनता का गुस्सा, बिल्डरों पर धोखाधड़ी के आरोप; 200 से ज्यादा शिकायतें पहुंची

भोपाल । वर्षों से सड़क, बिजली, पानी, सीवेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव में रह रहे भोपाल की विभिन्न कॉलोनियों के रहवासियों का गुस्सा गुरुवार को जिला प्रशासन की पहली विशेष कॉलोनी जनसुनवाई में खुलकर सामने आया।बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने बिल्डरों पर वादा खिलाफी और धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पहले ही दिन 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश शिकायतें अधूरी कॉलोनियों और बिल्डरों की मनमानी से जुड़ी रहीं।

कॉलोनियों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए विशेष जनसुनवाई सुबह 11 बजे से दोपहर दोपहर 2.30 बजे तक चली इस जनसुनवाई में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। नागरिकों ने आरोप लगाया कि बिल्डरों ने प्लाट और मकान बेचते समय सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन रकम वसूलने के बाद कॉलोनियों को अधूरा छोड़ दिया।

रहवासियों ने सुनाई अपनी पीड़ा

जनसुनवाई में नगर निगम वार्ड क्रमांक-3 की श्याम हाईलाईट सिटी (जमुनिया छीर, वायु रेस्टोरेंट के पीछे) के रहवासियों ने भी प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखी। कॉलोनी के फरियादी गजेंद्र सेन, बसंत फरकले सहित अन्य रहवासियों ने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपते हुए प्रापर्टी डीलर एवं बिल्डर राजेश सेन उर्फ राज सिंघानिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कालोनी में 50 से अधिक मकानों का निर्माण हो चुका है और कई परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन आज तक स्थायी बिजली कनेक्शन, पेयजल व्यवस्था, पक्की सड़क और सीवेज लाइन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। उनका आरोप है कि प्लाट बेचते समय बिल्डर ने अपने खर्च पर सभी सुविधाएं विकसित करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई वादा पूरा नहीं किया गया।

अधूरी कॉलोनी छोड़ दीं

रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि बिल्डर पूरी कॉलोनी के अधिकांश प्लॉट बेचकर अब कोलूखेड़ी स्थित इंदौर बायपास रोड पर मोटेल रेस्टोरेंट के पास नई कॉलोनी विकसित करने में जुट गया है। पुराने खरीदारों की शिकायतों पर वह ध्यान नहीं दे रहा और उनसे मिलने तक से बच रहा है। आवेदन प्राप्त होने के बाद प्रशासन ने मामले को जांच के लिए कालोनी सेल को भेज दिया है।

पहले दिन 200 से ज्यादा शिकायतें

जनसुनवाई में एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे, ताकि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पहले ही दिन 200 से अधिक आवेदन मिलने से स्पष्ट हो गया कि राजधानी में अवैध और अधूरी कालोनियों की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।
श्याम हाईलाईट सिटी सहित सभी प्राप्त शिकायतों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि जांच में बिल्डरों की लापरवाही, नियमों का उल्लंघन या धोखाधड़ी सामने आती है तो संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए नियमानुसार सख्त वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। – सुमित कुमार पांडे, एडीएम

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