न्यूयॉर्क: भारत ने गंभीर चेतावनी दी है कि संयुक्त राष्ट्र के बारे में लोगों की राय खराब हो रही है क्योंकि यह सुरक्षा परिषद में सुधार करने में नाकाम रहा है। भारत ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद झगड़ों को खत्म करने और इंसानी तकलीफों को दूर करने में नाकाम रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने स्थानीय समय के मुताबिक मंगलवार को कहा ‘हाल के समय में UN के बारे में लोगों की सोच नकारात्मक हुई है जिसकी मुख्य वजह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे झगड़ों में सुरक्षा परिषद का असरदार ढंग से दखल न दे पाना है।’
भारत ने यूएनएससी में सुधार की मांग को दोहराया
पी. हरीश ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनाया गया 80 साल पुराना UN का ढांचा आज की वैश्विक चुनौतियों के लिए नाकाफी है। उन्होंने कहा ‘एक समूह के तौर पर UN सुरक्षा परिषद में सुधार की दिशा में कोई खास प्रगति नहीं कर पाया है।’ उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि परिषद में सुधार के लिए अंतर-सरकारी बातचीत (IGN) ‘सिर्फ पहले से तैयार बयानों के कभी न खत्म होने वाले चक्र तक ही सीमित रही है।’
डोनाल्ड ट्रंप भी संयुक्त राष्ट्र को बता चुके हैं ‘बेकार’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी संयुक्त राष्ट्र की भूमिका और उसकी उपयोगिता पर तीखे सवाल उठा चुके हैं। हालांकि अमेरिका के पास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो का अधिकार हासिल है। सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने खुले मंच से संयुक्त राष्ट्र को एक तरह से ‘बेकार’ और अक्षम कहा था।
ट्रंप ने अपने भाषण में दावा किया था कि उन्होंने हाल के समय में ‘सात ऐसे युद्धों को समाप्त किया जिन्हें खत्म करना असंभव माना जा रहा था’ लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में संयुक्त राष्ट्र ने कोई मदद या सहयोग नहीं दिया। उन्होंने शिकायत की थी कि ‘मैंने इन सभी देशों के नेताओं से बात की लेकिन मुझे संयुक्त राष्ट्र से एक फोन कॉल तक नहीं आया।’