सोनम वांगचुक को भूख हड़ताल पर 18 दिन पूरे हो चुके हैं, पर उनका आमरण अनशन अभी भी जारी है, जिसे लेकर आम जनता से लेकर सेलेब्स तक ने चिंता जताई है। जीनत अमान से लेकर सोनी राजदान, अभय देओल, पूजा बत्रा, शबाना आजमी और ओमी वैद्य के अलावा रत्ना पाठक शाह, नसीरुद्दीन शाह और स्वरा भास्कर ने भी सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। अब डायरेक्टर अनुराग कश्यप भी सोनम वांगचुक के सपोर्ट में आए हैं, और सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी इतनी गहरी है कि वो उनकी किसी की जान लेने की नीयत साफ साबित करता है।
सोनम वागंचुक नीट पेपर लीक में धांधली और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे हैं। वहीं, इसे लेकर कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पर पिछले 25 दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रही है। लेकिन सरकार टस से मस नहीं हुई है, और इसे देख अनुराग कश्यप ने कहा है कि ‘अब हद हो रही है।’
अनुराग कश्यप का सोनम वांगचुक पर पोस्ट
अनुराग कश्यप ने 15 जुलाई को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर सोनम वांगचुक के सपोर्ट में लिखा और सरकार पर भी धावा बोला। उन्होंने लिखा, ‘एक समय था जब भूख हड़ताल का कोई मतलब हुआ करता था। लोग यूं ही भूख हड़ताल पर नहीं बैठते। यह सच में चिंता की बात है, जब सिस्टम लोगों की जिंदगी के प्रति इतना बेपरवाह हो जाता है। सिर्फ वही इंसान ऐसा करने की हिम्मत रखता है जो दूसरों का दर्द समझता हो और सच और न्याय में विश्वास रखता हो।’
‘सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी किसी की जान लेने की मंशा का सबूत’
अनुराग कश्यप ने कहा कि वह सोनम वांगचुक की तरह अनशन नहीं कर सकते क्योंकि वह इतने दिलेर नहीं, पर उनके साथ जरूर खड़े हैं। उन्होंने लिखा, ‘सोनम वांगचुक जो कर रहे हैं, उसे करने की हिम्मत मुझमें नहीं है। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों की खामोशी इतनी गहरी है कि यह उनके गुनाह और उनकी जान लेने की मंशा का सबूत है। मैं सोनम वांगचुक जैसे बहादुर इंसान के साथ खड़ा हूं।’
सरकार को घेरा- ये जानवर और राक्षसों से भी बदतर आदमखोर
अनुराग कश्यप ने इंस्टाग्राम पर एक और पोस्ट शेयर किया, जिसमें सरकार को घेरते हुए तीखे शब्दों में लिखा, ‘बहरे भी इतने बहरे नहीं होते, और अंधे भी इतने अंधे नहीं होते। जानवर और राक्षसों के दिल भी इतने पत्थर नहीं होते। ये उनसे भी बदतर आदमखोर हैं। चुप रहने में शर्म आने लगी है।’
सोनम वांगचुक की सरकार से मांगें
बता दें कि सोनम वांगचुक 6 जून 2026 को जंतर-मंतर पहुंचे थे। वहां वह कॉकरोच जनता पार्टी के साथ एकजुट हुए और नीट पेपर लीक में धांधली के विरोध और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए विरोध-प्रदर्शन शुरू किया। वांगचुक ने सरकार के सामने दो मांगे रखीं- एक तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और दूसरा लद्धाख के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग। वांगुचक ने कहा था कि अगर सरकार ने इनमें से एक भी मांग मान ली, तो वह अनशन खत्म कर देंगे। लेकिन फिलहाल ऐसा कुछ होता नजर नहीं आ रहा। सोनम वांगचुक का पिछले 18 दिनों में 8.5 किलो वजन घट चुका है। डॉक्टर्स लगातार उन्हें चेक कर रहे हैं। हर कोई इसी कोशिश में है कि सोनम वांगचुक को कुछ न हो, वह अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दें।