कोरिया। जीवन के उत्तरार्ध में सबसे बड़ी जरूरत एक सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाने की होती है। कोरिया जिले की ग्राम पंचायत जमगहना निवासी श्रीमती फूलकुंवर के लिए यह सपना अब हकीकत बन चुका है। पति के निधन के बाद आर्थिक तंगी और असुरक्षा के बीच जीवन बिताने वाली फूलकुंवर आज प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बने अपने पक्के घर में परिवार के साथ निश्चिंत और सम्मानपूर्ण जीवन जी रही हैं।
’संघर्षों के बीच उम्मीद की किरण’
खेती-किसानी पर आश्रित परिवार की सीमित आय के कारण वर्षों तक पक्का मकान बनाना उनके लिए असंभव था। पति के निधन के बाद जिम्मेदारियां और बढ़ गईं तथा वृद्धावस्था में वे पूरी तरह अपने बेटे-बहू पर निर्भर हो गईं। ऐसे कठिन समय में वर्ष 2024-25 में स्थानीय स्तर पर उन्हें जानकारी मिली की प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिल चुकी है, तब मन मे प्रधानमंत्री आवास योजना उनके जीवन में उम्मीद की किरण बनकर आई। योजना से मिली सहायता और परिवार के सहयोग से उनका पक्का मकान तैयार हुआ, जिसने उनकी जिंदगी में सुरक्षा और आत्मसम्मान दोनों लौटाए।
’सरकारी योजनाओं ने दी नई संबल’
फूलकुंवर बताती हैं कि उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लगातार लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास के लिए उन्हें तीन किस्तों में एक लाख 20 हजार प्राप्त हुई थीं। इसके अलावा उन्हें विधवा पेंशन और महतारी वंदन योजना से आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है, वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय ने उनके जीवन में सुविधा और सम्मान जोड़ा। अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिला पक्का घर उनके बुढ़ापे का सबसे बड़ा सहारा बन गया है।
भावुक होकर वे कहती हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव सरकार ने हम जैसे गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की भावनाओं का कद्र किया साथ ही परेशनियों से निजात भी दिलाया। सुरक्षित घर मिलने से उनका जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक सुकूनभरा और आत्मविश्वास से भर गया है।