पेपर लीक पर मोदी बोले- फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएंगे:युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

नई दिल्ली, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

पीएम का यह ऐलान कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्ष के प्रदर्शन के बीच आया है। सीजेपी पिछले 34 दिन से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है।

वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 26 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। वे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं उनका इलाज चल रहा है।

पेपर लीक केस के लिए पहली बार फास्ट ट्रैक कोर्ट

देश में अब तक पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, इसलिए फैसला आने में कई साल लग जाते थे। अब प्रधानमंत्री ने इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, ताकि फैसला तेजी से हो सके।

भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत साल 2000 में हुई थी। इनका गठन 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर किया गया था। आयोग ने देशभर में 1734 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए स्पेशल फंड की अनुशंसा की थी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड भी बेहतर रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, रेप और POCSO मामलों के लिए बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2019 से 2025 तक 3.06 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है।

इन अदालतों में मामलों के निपटारे का रेट 96.28% है, यानी जितने नए मामले आए, लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी हुआ। हालांकि, नए मामले लगातार दर्ज होने के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग थे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी।

पीएम ने कहा था- NEET पेपर लीक राजनीतिक या दलगत मुद्दा नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जुलाई को NDA संसदीय दल की बैठक में कहा कि NEET पेपर लीक की खबर मिलते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे, इसलिए दोबारा परीक्षा कराई गई और समय पर परिणाम भी घोषित किए गए।

पीएम ने कहा कि आगे ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं और दोषियों को देश के शीर्ष वकीलों की मदद से कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि NEET पेपर लीक कोई राजनीतिक या दलगत मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।

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