सुकमा के स्कूलों में किताबों का संकट, 38 हजार से ज्यादा छात्रों की पढ़ाई प्रभावित

सुकमा। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत भले ही उत्साह और बड़े वादों के साथ हुई हो, लेकिन सुकमा जिले के सरकारी स्कूलों में अब भी पाठ्यपुस्तकों की कमी बनी हुई है। जिले के सैकड़ों प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सभी विषयों की किताबें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं, जिससे 38 हजार से अधिक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

सबसे अधिक समस्या गणित और अंग्रेजी जैसी महत्वपूर्ण विषयों की पुस्तकों की कमी को लेकर है। कई स्कूलों में छात्रों को हिंदी, गणित या अंग्रेजी में से किसी न किसी विषय की किताब का इंतजार है।

किताबें नहीं मिलने से नियमित अध्ययन प्रभावित हो रहा है और छात्रों को पर्याप्त अभ्यास का अवसर नहीं मिल पा रहा है।शिक्षकों का कहना है कि बिना पाठ्यपुस्तकों के पढ़ाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।

बच्चे कक्षा में ब्लैकबोर्ड से नोट्स लिख तो रहे हैं, लेकिन घर पर पढ़ाई और अभ्यास के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध नहीं है। विशेषकर गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों में किताबों के अभाव का सीधा असर विद्यार्थियों की सीखने की गति पर पड़ रहा है।

शिक्षा विभाग ने फिलहाल पुराने पाठ्यपुस्तकों और वैकल्पिक शिक्षण सामग्री के माध्यम से पढ़ाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा सत्र के शुरुआती महत्वपूर्ण दिनों में हुई देरी की भरपाई आसान नहीं होगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लंबित किताबें स्कूलों तक कब पहुंचेंगी, ताकि बच्चों की पढ़ाई सामान्य हो सके।

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